मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को ब्लैक बोर्ड पर लिखे शब्दों को समझने में परेशानी का सामना करना नहीं पड़ेगा। अब इन विद्यालयों में ग्रीन और व्हाइट बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके लिए सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापक स्कूल को मिलने वाली कंपोजिट ग्रांट से धनराशि खर्च करेंगे। विभाग की तरफ से जिले के समस्त परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को आदेश दिया गया है।
जिले मेें 757 प्राथमिक, 159 उच्च प्राथमिक, 292 कंपोजिट विद्यालयों मेें 1.30 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकारी स्कूलों में ब्लैक बोर्ड या तो खराब स्थिति में होते हैं या फिर टूटे-फूटे होते हैं। इससे विद्यार्थियों को ब्लैक बोर्ड पर लिखे शब्दों को समझने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। यही नहीं उनकी आंखों पर भी प्रभाव पड़ता है। जल्द ही स्कूलों में व्हाइट व ग्रीन बोर्ड खरीदे जाएंगे। क्लास रूम में ग्रीन व व्हाइट बोर्ड से विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
इसी को देखते हुए शासन की तरफ से स्कूलों में व्हाइट व ग्रीन बोर्ड खरीदे जाने के निर्देश दिए गए हैं। यह खरीद कंपोजिट ग्रांट से की जानी है। शासन की तरफ से जिले को वर्ष 2025-26 के लिए 50 प्रतिशत कंपोजिट ग्रांट जारी भी कर दिया गया है। यह छात्रों के लिए ज्यादा उपयोगी और आंखों के लिए भी बेहतर होंगे। कंपोजिट ग्रांट टैबलेट के लिए सिम, इंटरनेट में भी खर्च किया जाएगा। इस बाबत नगर शिक्षा अधिकारी रजित लाल रत्नाकर का कहना है कि सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को गाइडलाइन जारी कर दी गई है। कंपोजिट ग्रांट से व्हाइट व ग्रीन बोर्ड की खरीद करने के निर्देश दिए गए हैं।