मऊ। मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने किचन शेड के निर्माण के लिए आई धनराशि व छात्रवृत्ति की धनराशि गबन करने के मामले में तत्कालीन प्रधानाध्यापिका विनीता पांडेय और तत्कालीन ग्राम प्रधान गजेंद्र प्रताप सिंह को सुनवाई के बाद दोषी पाया।
दोषी पाए जाने के बाद दोनों को तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ ही 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया। अर्थदंड न देने पर दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी परदहां की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। आरोप था कि शेषनाथ सिंह के शिकायती प्रार्थना पत्र पर जिला समन्वयक निर्माण सर्वशिक्षा अभियान अजीत कुमार तिवारी ने जांच किया तो पाया कि ग्राम सभा आदेडीह मे स्थित प्राथमिक विद्यालय भवनाथपुर में किचन शेड का निर्माण नही कराया गया और संपूर्ण धनराशि 78 हजार 500 रुपये का गबन कर लिया गया।
छात्रवृत्ति का वितरित नही किया गया। जिसपर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई ।
पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र सीजेएम न्यायालय में प्रेषित किया। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद तत्कालीन ग्राम प्रधान गजेंद्र प्रताप सिंह और तत्कालीन प्रधानाध्यापिका विनीता पांडेय को सरकारी धन के गबन का दोषी पाया।