चिरैयाकोट। रानीपुर ब्लाक के सिरसा गांव में तीन माह पहले हुए निरस्त सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन के लिए ग्राम सभा की खुली बैठक शनिवार को ग्राम प्रधान द्वारा बुलाई गई थी। जिसमें ब्लाक स्तर से लेकर जिला तक के अधिकारी आए हुए थे। लेकिन ग्रामीणों ने अधिकारियों पर कोटे की दुकान के चयन करने में एक पक्षीय कार्यवाही का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। ब्लाक रानीपुर के सिरसा गांव में तीन माह पहले तारा सिंह के नाम से एक सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान थी। इसको कुछ कार्ड धारकों की शिकायत पर कराई गई जांच में अनियमितता के आरोप में एसडीएम ने कोटे की दुकान को निरस्त कर दिया। तभी से कार्ड धारकों को राशन मिलना बंद है।
गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की नई दुकान के आवंटन के लिए स्वयं सहायता समूह को चिन्हित कर के ग्राम प्रधान ओंकार सिंह ने उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई थी। प्रधान का कहना था कि गांव में दो समूह चल रहे हैं ,एक महालक्ष्मी स्वयं सहायता समूह और दूसरा स्वयं सहायता समूह सिरसा गांव के नाम पर चल रहे हैं। गांव वालों का आरोप है कि बिना उनकी सहमति लिए ही 3 अक्टूबर की दोपहर में ब्लाक मिशन मैनेजर शुभम सिंह, ग्राम विकास अधिकारी शैलेंद्र सिंह, जिला स्वयं सहायता समूह मैनेजर हिमांशु सिंह ने यह घोषणा कर दी कि नए समूह महालक्ष्मी स्वयं सहायता समूह को दुकान का आवंटन किया जा रहा है। इसे सुनते ही ग्रामीणों ने अस्वीकार करते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। ग्रामीण इस चयन का बहिष्कार करते हुए चले गये। जिसके कारण दुकान का चयन नहीं हो सका। ग्रामीणों का रुख देखकर अधिकारी भी चले गये। इस बारे में ग्रामीण नन्हें ठाकुर, बबलू यादव, गलबाजी यादव, शैलेंद्र सिंह, अनिल सिंह, अनिल शर्मा, बहादुर राम, सरस्वती, दुर्गावती, फिरती, कुसुमलता, राधिका, भागीरथी आदि का कहना है कि इसके पहले भी दो बैठकें तीन सितंबर और तीस सितंबर को हुई थी जिसमें बताया गया था कि दुकान का चयन पुरानी स्वयं सहायता समूह के नाम ही किया जाना है। लेकिन आज की बैठक में नये स्वयं सहायता समूह महालक्ष्मी को किया जा रहा है। इस समूह से हमें अनाज नहीं मिल पाएगा।