मऊ। न्यायिक वादों के निस्तारण की समीक्षा में तहसीलदार न्यायालय घोसी में मानक के अनुरूप वादों के निस्तारण नहीं होना मिला है। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने तहसीलदार घोसी को कड़ी फटकार लगाते हुए सभी न्यायिक अधिकारियों को उनके न्यायालयों में मानक के अनुसार वादों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिया।
यह नाराजगी सोमवार को जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर, राजस्व वसूली एवं अन्य राजस्व कार्यो की समीक्षा के दौरान जताई। बैठक के दौरान उत्तराधिकार/वरासत में भी लेखपाल स्तर पर समय सीमा के बाद लंबित कई मामलों के मद्देनजर जिलाधिकारी ने ऐसे सभी लेखपालों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिया।
वहीं राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान अंश निर्धारण में जिले के चारों तहसीलों में अभी भी बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित उप जिला अधिकारियों को सभी मामलों के निस्तारण के निर्देश दिया।वहीं ऑनलाइन खसरा फीडिंग में समस्त राजस्व ग्रामों के लॉगिन आईडी तैयार होने के बावजूद कार्यों में प्रगति न होने पर उन्होंने समस्त क्षेत्रीय लेखपालों को क्षेत्र में भेज कर तत्काल कार्य शुरू कराने के साथ जीपीएस लोकेशन सहित फोटो मंगाकर लेखपालों की क्षेत्र में उपस्थित की जांच करने को भी कहा।
आय, जाति एवं निवास प्रमाणपत्रों के आवेदनों की निस्तारण की समीक्षा के दौरान तहसील सदर में आय प्रमाणपत्र के सबसे ज्यादा लंबित आवेदनों को लेकर निस्तारण कराने का निर्देश उप जिलाधिकारी सदर को दिया। वहीं, स्वामित्व योजना की समीक्षा बचे कार्यों को एक सप्ताह के अंदर पूरा करने के साथ जिलाधिकारी ने पट्टा आवंटन के बाद खतौनी में तत्काल नाम दर्ज कर एक सप्ताह के अंदर समस्त विधिक कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश समस्त उप जिला अधिकारियों को दिया। इस दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील लाल श्रीवास्तव, अपर जिला अधिकारी सत्यप्रिय सिंह आदि मौजूद रहे।
बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई को लेकर सख्त दिखें डीएम
मऊ। राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान निर्धारित लक्ष्य की जगह व्यापार कर में 69.62 प्रतिशत, स्टांप रजिस्ट्रेशन में 77.23, परिवहन कर में 82.52 प्रतिशत, आबकारी में 73.54 प्रतिशत, चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य में 78 प्रतिशत वसूली हुई है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को माह के लिए निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
वहीं, 10 बड़े बकायेदारों के विरुद्ध माह में की गई कार्रवाई की समीक्षा के दौरान अपेक्षित वसूली न होने पर जिलाधिकारी ने आधार कार्ड के माध्यम से बकायेदारों के बैंक खातों का पता कर खातों के सीज की कार्रवाई करते हुए वसूली के निर्देश दिया। सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से राजस्व संबंधित मामले की भी समीक्षा की। इस दौरान जिन विभागों की ग्रेड सी, डी एवं ई पाई गई। ऐसे समस्त विभागों की प्रति सप्ताह समीक्षा कर, प्रगति न पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी जिलाधिकारी की ओर से दी गई।