कई मतदान केंद्रों पर 50 से कम वोट दारा सिंह चौहान को मिले। बूथ 133 पर दारा सिंह को 16, बूथ 146 पर नौ, बूथ नंबर 147 पर 26, बूथ नंबर 151 पर 17 वोट, बूथ नंबर 154 पर 12 वोट जबकि 190 पर भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान को 38 वोट मिले।
जीत का प्रमाणपत्र लेते सुधाकर सिंह
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घोसी उपचुनाव में हुए उलटफेर के दूरगामी परिणाम होने की जानकार बात कर रहे। स्थानीय को प्राथमिकता देते हुए जनता ने सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह को बड़ी जीत दिलाई है। माना जा रहा है कि 2024 लोकसभा को लेकर भी सकारात्मक संदेश इस जनादेश में है। 2017 से 2023 तक चार बार चुनाव, इसको लेकर जनता अपने आपको ठगा महसूस करने लगी। इस बार सपा से दारा सिंह का इस्तीफा और भाजपा में शामिल होना जनता को रास नहीं आया। सपा के टिकट पर दारा सिंह ने एक वर्ष पहले ही चुनाव जीता था। ऐसे में जनता के बीच दारा सिंह ने अपनी विश्वसनीयता खो दी।
इस बार के उपचुनाव में सपा ने उनकी छवि को दलबदलू और बाहरी के रूप में पेश की। जनता ने भी इसको सही माना। जबकि, सुधाकर के स्थानीय निवासी होने तथा चार दशक से एक ही पार्टी का कार्यकर्ता और जनता के बीच उपलब्ध रहने के कारण उनको मजबूती मिली। बार-बार चुनाव से आजिज हर वर्ग के लोगों ने सुधाकर के पक्ष में मतदान किया। स्थानीय-बनाम बाहरी नारे का इस स्तर तक असर रहा कि भाजपा के कई मतदाता तो मतदान करने भी नहीं निकले। यही वजह रही कि बीते 2020 चुनाव के सापेक्ष इस बार छह फीसदी कम यानी 50.30 फीसदी मतदान हुआ।