घोसी विधानसभा के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी प्रत्याशी ने 42 हजार के अधिक अंतर से जीत दर्ज की हो। उपचुनाव में सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह ने अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल की। बीते वर्ष विधानसभा चुनाव में एक लाख 8 हजार 430 वोट पाने वाले दारा सिंह चौहान इस बार 81668 पर सिमट कर रह गए है। जबकि सुधाकर ने 124427 मत पाकर 42 हजार 759 वोट से सबसे बड़ी जीत हासिल की। इससे पहले बड़ी जीत का रिकार्ड वर्तमान सदर विधायक अब्बास अंसारी का है, जिन्होंने 38116 मतों से भाजपा प्रत्याशी को हराया था। सबसे बड़ी बात यह रही कि 10वें चरण की मतगणना के बाद समाजवादी ने जो बढ़त बनाई वो 32वें राउंड तक बरकरार रहा।
मंच पर बोलते सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
घोसी उपचुनाव में जीत को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ये झूठे प्रचार और जुमला जीवियों की पराजय है। ये दलबदल-घरबदल की सियासत करने वालों की हार है। उन्होंने कहा कि ये नतीजा भाजपा का अहंकार और घमंड को चकनाचूर करने वाला है। ये एक ऐसा चुनाव है, जिसमें जीते तो एक विधायक हैं। पर हारे कई दलों के भावी मंत्री हैं। इंडिया टीम है और पीडीए रणनीति। जीत का हमारा ये नया फॉर्मूला सफल साबित हुआ है। घोसी की जनता को धन्यवाद। सुधाकर सिंह को जीत की बधाई।
एक साल पहले यानी 2022 के विधानसभा के चुनाव में सपा से एक लाख से अधिक वोट पाने वाले दारा सिंह चौहान की एक तरफा हार जिले ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारों के अनुसार लोगों का स्थानीय प्रत्याशी को लेकर भी झुकाव सपा प्रत्याशी के जीत का बड़ा कारण बना।
अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं का झूम कर मतदान करना सपा प्रत्याशी के लिए एक कारण रहा। जनपद के साथ घोसी क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी दारासिंह चौहान के 20वर्ष के राजनीतिक सफर में आमजनता के साथ कार्यकर्ताओं से संवादहीनता भी बड़ा कारण रहा। इसी के चलते स्थानीय बनाम बाहरी का जनताके बीच जमकर मुद्दा रहा।