घोसी सपा कार्यालय में जश्न मनाते नेता और कार्यकर्ता
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घोसी उपचुनाव में भाजपा ने पूरी ताकत लगा दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य सहित डेढ़ दर्जन मंत्रियों ने घोसी में चुनाव प्रचार किया था। लेकिन घोसी विधानसभा सीट भाजपा के हाथ से फिसल गई है। यहां से सपा प्रत्याशी ने न केवल चुनाव जीतकर पार्टी की प्रतिष्ठा बचाई, बल्कि चुनाव को एक तरफा बनाकर यहां इंडिया गठबंधन की मजबूती का संकेत भी दे दिया।
घोसी उपचुनाव पर पूरे देश की नजर थी। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले इंडिया गठबंधन और एनडीए गठबंधन का पहला मुकाबला था। चुनाव परिणाम को अपने पक्ष में करने को लेकर जहां इंडिया के सहयोगी दल कांग्रेस, आप, भाकपा ने चुनाव नहीं लड़ा। वहीं एनडीए ने इसे सेमीफाइनल मुकाबला मानते हुए अपने प्रत्याशी के पक्ष में यहां प्रचार को लेकर प्रदेश का पूरा मंत्रीमंडल उतार दिया था। जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्या ने खुद यहां प्रचार किया था।
दोनों डिप्टी सीएम ने यहां कई दिन रूककर कई जगहों पर चौपाल और दूसरे कार्यक्रम कर भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार किया था।इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, कैबिनेट मंत्री एके शर्मा, स्वतंत्रदेव सिंह, सूर्यप्रताप शाही जैसे दिग्गजों के साथ डेढ़ दर्जन मंत्रियों ने यहां बागडोर संभाल रखा था। जहां भाजपा के स्टार प्रचारक विकास के नाम पर वोच मांग रहे थे। वहीं सपा के प्रचारक भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान के प्रति मतदाताओं का विरोध फलदायक रहा और इसको अपने पक्ष में करने में बहुत हद तक सफल रहे।