घोसी में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन भाजपा का रोड शो
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चुनाव प्रचार थमने के साथ ही प्रत्याशी अब अपने अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए मतदाताओं के घरों में पहुंचना शुरू कर दिया है। प्रत्याशी उन रूठे मतदाताओं को भी मान मनुहार करके जहां राजी करने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं जातिगत समीकरण बनाने के लिए जातियों के नेताओं से भी संपर्क करने में जुटे हुए हैं। सपा और भाजपा में कौन किस पर भारी पड़ेगा, इसका पता तो आठ सितंबर को मतगणना के बाद पता चलेगा।
घोसी उपचुनाव महज विधानसभा की एक सीट का चुनाव नहीं रहा, बल्कि अब ये एनडीए बनाम इंडिया गठबंधन का लिटमस टेस्ट बन गया है। एक के खिलाफ एक उम्मीदवार देने की जिस योजना पर इंडिया गठबंधन ने अपनी रणनीति तैयार की है उसका पहला टेस्ट इसी घोसी उपचुनाव में होने जा रहा है। अखिलेश यादव ने घोसी की अपनी जनसभा में यह स्पष्ट कर दिया था कि घोसी का यह चुनाव 2024 के लिए संदेश है। वहीं सीएम योगी ने भी अपनी रैली में कहा था कि घोसी का चुनाव परिणाम पूरा देश देखेगा।
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घोसी में सीएम योगी आदित्यनाथ की जनसभा
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चुनावी प्रचार को देखें तो शीर्ष नेताओं में सबसे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अखिलेश यादव बीते 29 अगस्त को कोपागंज के बापू इंटर कॉलेज में सपा प्रत्याशी के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा पर निशाना साधा था। तो वहीं दो सितंबर को भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में घोसी मिल मैदान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा प्रत्याशी के साथ सपा-कांग्रेस पर निशाना साधा था। वहीं इस दौरान पांच दिन तक उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने तीन दिन तक चुनावी प्रचार किया। इसके अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल भी चुनाव प्रचार में जुटे रहे। वहीं सपा महासचिव शिवपाल यादव ने सात दिन में कई बैठकों में शामिल हुए। प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने सपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार में जुटे रहे।
कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद व ओम प्रकाश राजभर।
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भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए घोसी को अस्थायी डेरा बनाने में कैबिनेट मंत्री एके शर्मा, स्वतंत्र देव सिंह, बेबीरानी मौर्य, धर्मवीर प्रजापति, सूर्यप्रताप शाही, नरेंद्र कश्यप, दयाशंकर सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद, विजय लक्ष्मी गौतम, नंदगोपाल नंदी, रविन्द्र जायसवाल, गिरीश यादव, जेपीएस राठौर, दयाशंकर दयालु सहित अन्य कई मंत्री शामिल रहे। वहीं भाजपा के सहयोगी दल सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री संजय निषाद 10 दिनों से प्रत्याशी को जिताने के लिए जनसंपर्क, चौपाल, छोटी सभाओं के माध्यम से प्रयास करते रहे।
प्रत्याशी अपना घर-घर अभियान शरू करेंगे। चुनाव के नजरिये से ये 48 घंटे काफी महत्वपूर्ण होते हैं। जब प्रत्याशी जनता के बीच जाता है और सभी के दरवाजे खटखटाता है और उनसे अपने पक्ष में मतदान की अपील करता है। यह अपील ज्यादातर क्षेत्रों में रातभर चलेगी।