घोसी उपचुनाव में सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह को समर्थन देते हुए कांग्रेस, आप, सुहेलदेव स्वाभीमान पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने प्रत्याशी नहीं उतारे थे। सपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार भी इन दलों के पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं ने किया था। भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में सुभासपा, अपना दल, निषाद पार्टी का समर्थन रहा। इसको लेकर घोसी की जनता में काफी उत्साह देखने को मिला, लेकिन मतदान केंद्रों पर केवल आधे ही मतदाता मतदान करने पहुंचे। इससे वोटों की गणित उलझी है।
ये भी पढ़ें: कौन बनेगा तीसरी बार विधायक दारा सिंह या सुधाकर? उपचुनाव की मतगणना शुरू
घोसी उपचुनाव को लेकर जिस तरह से भाजपा-सपा प्रत्याशी के पक्ष में दोनों पार्टी ने प्रचार को लेकर रणनीति तैयार की थी। उससे मतदान का ग्राफ बढ़ने की संभावना थी, लेकिन इस बार भी घोसी का मतदान प्रतिशत 60 फीसदी के नीचे ही रहा। बीते वर्ष 2022 में इस सीट पर 56.87 फीसदी मतदान हुआ था।
वर्ष 2019 में हुए उपचुनाव में 51.93 मतदान हुआ। 2017 के आम विधानसभा चुनाव में 58.89 मतदान हुआ था। यानी 2017 से पांच सितंबर 2023 तक हुए चार बार विधानसभा चुनाव हुए। एक बार भी घोसी में 60 फीसदी का मतदान नहीं हुआ। इस दौरान उपचुनाव को लेकर भले ही मतदाताओं ने उत्साह दिखाया, लेकिन यह उत्साह मतदान में तब्दील नहीं हो सका।