मधुबन/दुबारी। घाघरा का जलस्तर तेजी से बढ़ने से मधुबन क्षेत्र के देवारा इलाके के लोगों की धड़कनें बढ़ती ही जा रही है। नदी का पानी गांवों के मुहाने तक पहुंच गया है। नदी के जलस्तर बढ़ने की रफ्तार जारी रही तो 20 गांव एक बार फिर नदी के घेरे में आ जाएंगे। सैकड़ों एकड़ जलमग्न फसलों के नष्ट होने से पशुुुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। सुग्गीचौरी से लेकर जरलहवा नकिहवा बिंदटोलिया आदि गांवों के लोगों के समक्ष काफी बदहाली आ गई। लोगों के घरों में रखे अनाज खराब हो गए हैं। फसलें तो पानी में डूबकर नष्ट हो ही गई हैं।
लगातार दो दिनों से नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से देवारा इलाके के लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सताने लगी है। परसिया जयराम गिरी हाहा नाला का रेगुलेटर नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को 65.82 मीटर रहा। बुधवार को 65.60 मीटर रहा। जबकि नदी का खतरा निशान 66.31 मीटर है। 22 सेमी की रफ्तार से नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर तटवर्ती इलाकों में बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है। नदी का पानी गांव के मुहाने तक पहुंच गया है। जलस्तर के बढ़नेे की रफ्तार यही रही तो मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के चक्की मूसाडोही, भगत का पुरा, विंदटोलिया, नई बस्ती, जरलहवा, बइरकंटा, विशुन का पुरा, पब्बर का पुरा, खैरा हरिलाल का पुरा, बिंदर का पुरा, बिशुन का पुरा, भगत का पुरा, धूस का पूरा, पब्बर का पुरा, चौहानपुर, बरोहा, कुंवरपुरवा, परसिया, गजियापुर, मोलनापुर सहित विभिन्न गांवों के संपर्क मार्ग एक बार फिर जलमग्न हो जाएंगे। काफी समय से जलजमाव से हजारों एकड़ फसल नष्ट होने से पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। लेकिन अभी तक शासन प्रशासन की तरफ से किसानों को एक पाई की सहायता नहीं मिल सकी है।