दुबारी (मऊ)। घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से मधुबन क्षेत्र के देवारा इलाके के लोगों को कटान की चिंता सताने लगी है। बिंदटोलिया गांव तेज होने से गांववासी अपना मकान खाली कर सुरक्षित स्थान तलाशने लगे हैं। कटान पीड़ितों की लाख गुहार लगाने के बाद भी कटान रोकने के उपाय नहीं किए जा सके हैं।
नदी में उफान की रफ्तार को देखते हुए मधुबन के देवारा इलाकों के लोगों में दहशत का माहौल है। पुरुआ हवा तेज होने के कारण धर्मपुर बिशुनपुर, दुबारी, मोलनापुर मौजा में लगभग ढाई किलोमीटर एरिया तक कटान तेज हो गई है। इसके चलते धर्मपुर बिशुनपुर के पुरवा बिंटोलिया में कटान लगातार जारी होने से कटान पीड़ितों की नींद उड़ गई है। बिंटोलिया गांव के लोग अपना मकान खाली कर सुरक्षित स्थान तलाशने में लगे हैं। नदी के जलस्तरपर नजर डालें तो हाहा नाला रेगुलेटर पर 64.80 मीटर पर रहा। जबकि खतरे का निशान 66.31 मीटर है।
प्रशासन की तरफ से कटान पीड़ित रामजीत बिंद, भूपेंद्र बिंद, रामदेव बिंद,धर्मेंद्र बिंद, रामलाल बिंद, अजय बिंद, गोरख बिंद, रामनिवास बिंद, रामाशंकर बिंद, हरिंद्र बिंद, महेंद्र, वीरेंद्र, लाली, दशरथ यादव, शामा यादव, राधेश्याम बिंद, चंद्रशेखर बिंद, रामशीष, जयनाथ, नाथा, रामायन चौहान, छवि बिंद को प्राथमिक विद्यालय में जगह दी गई है। बिंटोलिया गांव का डीह स्थान आधा कट गया है। कटान पीड़ितों का कहना है कि तीन दिन के अंदर लगभग 50 बीघा जमीन कट कर घाघरा में विलीन हो गई है। कटान पीड़ितों का कहना है कि कटान की तीव्रता जारी रही तो गांव हफ्तों में ही घाघरा नदी में विलीन हो जाएगा।