फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घाघरा फिर बढ़ाव पर, घाट का पिलर नदी में विलीन

Fri, 14 Jul 2017 12:08 AM IST
mau news
विज्ञापन
दोहरीघाट में मुक्तिधाम शमशान घाट पर पानी बढ़ने के बाद ऊफनाई घाघरा नदी।
विज्ञापन
दोहरीघाट। कई दिनों से घट रही घाघरा में एकाएक उफान आने से तटवर्ती इलाकों में बेचैनी बढ़ गई है। नदी के जलस्तर में 24 घंटे में 30 सेमी बढ़ने के साथ कटान तेज हो गई है । शवदाह घाट का एक पिलर नदी में विलीन हो गया। इसके साथ ही भारतमाता मंदिर को बचाने के लिए लगाई गई ठोकर सरकना शुरू हो गया है। नदी के रुख से मुक्तिधाम सहित ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है।
विज्ञापन

गुरुवार को शवदाह घाट का एक पिलर घाघरा में विलीन हो गया। मुक्तिधाम की सुरक्षा के लिए बनाया गया ठोकर दरकने लगा है। इसके बाद भी विभाग की तरफ बचाव के इंतजाम नहीं किया जा सका था। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो गुरुवार को नदी के जलस्तर में 30 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी 69.60 मीटर पर बह रही थी। बुधवार को नदी का जलस्तर 69.30 मीटर रहा। जबकि गौरीशंकरघाट पर खतरा बिंदु 69.90 मीटर आंका गया है।       
 घाघरा में फिर से बढ़ाव के कारण नगर में स्थित  दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, खाकी बाबा की कुटी, डीह बाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर आदि का अस्तित्व खतरे में है। वहीं घाघरा के तटवर्ती इलाकों के गांवों धनौली रामपुर ,नईबाजार, नवली, चिऊंटीडांड़, बहादुरपुर, बीबीपुर, गौरीडीह, बेलौली, ताहिरपुर, जमीरा, चौराडीह, जमीरा चौराडीह, महुआबारी, रसुलपुर, सूरजपुर आदि गांवों में भी कटान का खतरा बढ गया है। इन गावों कि किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है। लोगों का कहना है कि घाघरा का जलस्तर जब-जब घटता बढ़ता है तब-तब तबाही मचाती है। घाघरा की लहरें मुक्तिधाम पर टक्कर मार रही है। लोगों ने कटान समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें