विकास खंड फतहपुर मंडाव में लोक निर्माण विभाग की लापरवाही सामने आई है। क्षेत्र स्थित कस्बा मधुबन में सड़क के किनारे पटरी के निर्माण हुए बिना ही विभाग ने फंड पास कर दिया।
बाजार में पटरी का निर्माण न होने से व्यापारियों ने जब इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जानकारी मांगी तो लोक निर्माण विभाग ने पटरी का कार्य पूरा करने की झूठी जानकारी भी दी। पूछे जाने पर अब विभाग कुछ ही स्थानों पर कार्य कराने की बात स्वीकार कर रहा है साथ ही दलील यह कि पुराने बजट के चलते मूल्य वृद्धि के कारण कुछ ही स्थानों पर कार्य गराया गया।
बताते चले कि लोक निर्माण विभाग ने लगभग 36 करोड़ रुपये की लागत से दोहरीघाट, मधुबन, कटधराशंकर तिराहे तक 23 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करवाया।
इस मार्ग पर दोनों तरफ एक एक मीटर पटरियों का निर्माण होना था जो सड़क निर्माण के इस्टीमेट में ही शामिल था लेकिन कार्यदायी संस्था ने इसका निर्माण नहीं कराया लेकिन इसका पैसा पास हो गया।
पटरियों का निर्माण नहीं कराये जाने से व्यापार मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारियों एवं ग्रामीणों ने 16 जून 2015 को तहसील दिवस पर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया।
तब डीएम ने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित कर पटरी निर्माण की बात कही तब इस बात का पता चला कि पटरी के लिए पैसा तो पास हो गया है लेकिन यह कार्य नहीं हुआ।
इस बाबत जब पूछा गया तो लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ने व्यापार मंडल के अध्यक्ष को पटरी निर्माण का कार्य पूरा कर लेने की बात कही। जब कि मौके पर पटरी का अस्तित्व ही नहीं है।
लोक निर्माण विभाग द्वारा तथ्यों को छिपाकर सूचना देने से व्यापारी काफी आक्रोशित हैं तथा मधुबन कस्बा के पटरियों के निर्माण की जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग आरडी प्रियदर्शी ने बताया कि सड़क व पटरी निर्माण का इस्टीमेट पुराना है इसलिए वर्तमान मूल्य वृद्धि के चलते अल्प पटरियों का निर्माण कराया जा सका।