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मुफ्त के सीटी स्कैन के लिए दलाल ने लिए 300 रुपये

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सरायलंखसी थानांतर्गत जिला अस्पताल में शनिवार को इलाज कराने पहुंचे एक मरीज से दलालों ने सिटी स्कैन कराने के नाम पर 300 रुपये ले लिया। बाद में सिटी स्कैन का कोई शुल्क नहीं लगने की जानकारी होने पर जब मरीज ने महिला दलाल व एक अन्य से रुपये मांगे तो वह अभद्रता पर उतर आए। जिसकी सूचना मरीज ने पुलिस को दी। मौके से पुलिस ने एक महिला दलाल को हिरासत में लेकर थाने पहुंची।
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कोपागंज ब्लाक के मोहम्मदपुर झझवा निवासी राम कुमार चौहान शनिवार की सुबह अपनी पत्नी हृदया देवी के सिर में परेशानी होने पर इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सक ने देखने के बाद सिटी स्कैन कराने की सलाह दी। जब वह डॉक्टर के चेंबर से बाहर निकले तो एक महिला और एक अन्य उनके पास पहुंचे और सिटी स्कैन कराने की बात कही। जिस पर उनसे 500 रुपये की मांग की गई तो उन्होंने उतने पैसे न होने की असमर्थता जताई तब 300 रुपये लेकर उसे आसानी से जांच कराने की बात कही। जब पीड़ित महिला की जांच हो गई और वह रिपोर्ट लेने पहुंची तो कर्मचारी ने बताया कि सिटी स्कैन का कोई शुल्क नहीं लगता है। यह बात उसने अपने पति को बताई। जब रामकुमार ने महिला से पैसे की मांग की तो महिला दलाल अभद्रता करने लगी। जिस पर पीड़ित ने 112 डायल कर पुलिस को पूरी बात बताई। सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में पहुंची पुलिस उस महिला को अपने साथ थाने ले गई। इस बाबत सरायलंखसी एसओ निहार नंदन कुमार ने बताया कि एक महिला द्वारा जिला अस्पताल में सिटी स्कैन कराने के नाम पर 300 रुपया लेने की शिकायत मिली थी। इस बात को लेकर मरीज तथा संबंधित महिला में विवाद हो गया था। बाद में दोनों पक्षों ने आपस में बातचीत कर मामले को सुलझा लिया था।
सब जानते हुए आंख बंद कर बैठे हैं सीएमएस
मऊ। जिला अस्पताल में बड़े हॉल में प्रवेश करते ही बड़े अक्षरों में लिखा शब्द दलाल का प्रवेश वर्जित आसानी से पढ़ा जा सकता है। अस्पताल प्रबंधन ने केवल यह लाइन लिखकर अपनी इतिश्री कर ली है, जबकि हालात यह है कि एक्सरे, सिटी स्कैन ही नहीं बल्कि हर डाक्टर के चेंबर के बाहर दलाल सक्रिय रहते हैं। इसको लेकर कई बार मरीज सीएमएस से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई तो दूर वो इस मामले अपने चिकित्सक तथा कर्मचारियों तक को कोई हिदायत नहीं देते हैं। जबकि कई कर्मचारियों की साठगांठ इन दलालों से है।
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