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मैनुअल तरीके से किया जा रहा फोरलेन सड़क निर्माण

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रविवार की रात में 9 बजे से अमिला सोनाडीह माफी गाव के पास वाराणसी गोरखपुर फोर लेन सड़क की ढलाई पुन: म - फोटो : MAU
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अमिला। वाराणसी-गोरखपुर फोर लेन सड़क का निर्माण कार्य नियम को ताक पर रखकर दूसरे दिन भी चलता रहा। कार्यदायी संस्था द्वारा ऑटोमेटिक मशीन के बजाय पुन: मैनुवल तरीके से ढलाई कार्य करने का क्रम चलता रहा। यह मार्ग डेंजर जोन के लिए चिंहित किया गया है। सब कुछ जानते हुए विभागीय अधिकारी मौन हैं। अमर उजाला ने एक मार्च को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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मऊ-गोरखपुर वाराणसी फोरलेन का करीब 51.60किमी हिस्सा मऊ जिले से होकर गुजरा है। सड़क निर्माण कार्य तय समय सीमा से काफी पीछेे चल रहा है। काम को जल्दी पूरा करने के चक्कर में आटोमैटिक मशीन के बजाय मैनुअल से ही कराया जा रहा है। इस समय वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन का निर्माण कार्य मऊ जनपद के अमिला के पास सोनाडीह माफी गांव के समीप चल रहा है। नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य कराए जाने से लोगों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। प्रबुद्ध वर्ग के लोगों की मानें तो विभाग की तरफ से क्षेत्र को डेंजर जोन के रुप में चिंहित किया गया है। यहां सड़क दुर्घटनाएं आए दिन होती रहती है। इसके बावजूद मानक को ताक पर सड़क निर्माण कार्य रात के समय ही चल रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना था कि डेंजर जोन के बाद भी सड़क निर्माण में अनियमितता बरती जा रही है। रात के अंधेरे में निर्माण कार्य कराया जा रहा है कि यह मामला प्रकाश में नहीं आएगा। यह सब विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। सड़क का निर्माण कार्य मानक के अनुरुप नहीं कराया गया तो लोगों का गुस्सा कभी भी फूट सकता है। इस बाबत कार्यदायी संस्था के इंजीनियर भरत प्रसाद ने बताया कि टुकड़ों में ढ़लाई कार्य किया जाना है। इसलिए मैनुअल कराया जा रहा है।
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