शिक्षा सत्र का आठवां माह बीतने को है, लेकिन परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा मिलती नजर नहीं आ रही है। हालत यह है कि क्षेत्र के चार परिषदीय विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। शिक्षकों के अवकाश या विभागीय कार्य से बाहर जाने के चलते विद्यालय बंद हो जा रहा हैं। अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। शिकायत के बाद भी अधिकारी आश्वासन देकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
सर्व शिक्षा अभियान पर करोड़ों रुपया पानी की तरह बहाने के बाद भी बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा सत्र का आठवां माह बीतने को है, लेकिन परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने के मामले में खानापूर्ति कर इतिश्री कर दी जा रही है। एकल शिक्षक के भरोसे चलने वाले परिषदीय विद्यालयों पर विद्यालयों पर नजर डाली जाए तो उच्च प्राथमिक विद्यालय तिघरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय अहिरुपुर, प्राथमिक विद्यालय मोलनापुर नंबर दो, उच्च प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर, नकिहवा शामिल हैं।
उच्च प्राथमिक विद्यालय में 24 बच्चों का नामांकन किया गया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय अहिरुपुर में 12 बच्चों का नामांकन किया गया है। प्राथमिक विद्यालय मोलनापुर नंबर दो पर 41 बच्चों का नामांकन किया गया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर में 52 बच्चों का नामांकन किया गया है। आरटीई के तहत प्राथमिक विद्यालयों में 30 बच्चों पर एक शिक्षक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 35 बच्चों पर एक शिक्षक के तैनाती का नियम है।
यही नहीं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की तैनाती करने का प्रावधान किया गया है। विभाग की ओर से एक शिक्षक के भरोसे काम चलाया जा रहा है। शिक्षकों के अवकाश या विभागीय कार्य से बाहर जाने के चलते विद्यालय बंद हो जा रहा है। अभिभावकों की शिकायत के बाद भी अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेेने की जहमत तक नहीं उठाई है। इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार यादव का कहना है कि शीघ्र ही शिक्षकों की तैनाती कर दी जाएगी।