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Mau News: चार दिनों की बारिश से 20 फीसदी धान की फसल बर्बाद, मुआवजे की मांग

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शनिवार को नगर के गाजीपुर तिराहा पर आसमान में छाए काले बादल।संवाद
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मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में शनिवार को भी बूंदाबांदी हुई। इससे न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। लगातार चार दिनों तक तेज हवा के साथ बारिश से खेतों मेें खड़ी सैकड़ों एकड़ पकी धान की फसल गिर गई है। इससे 20 फीसदी तक धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि लगातार चार दिनों तक बारिश से 15 से 20 प्रतिशत फसल के नुकसान का अंदेशा है। निचले इलाकों के खेतों में फसलों के सड़ने का अंदेशा बढ़ गया है। आंख के सामने मेहनत की कमाई नष्ट होता देख किसान दुखी हैं।
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परेशान किसान शनिवार को खेतों में भरे पानी में डूबी फसल को बचाने में लगे रहे। शनिवार तड़के से ही घने बादल छाए रहे। बूंदाबांदी होती रही। दोपहर बाद तक भगवान भास्कर के दर्शन नहीं हुए। जलमग्न खेतों में फसलें डूब गई हैं। काटकर सूखने के लिए छोड़ी गई फसल जलमग्न खेतों में तैर रही हैं। धान की फसल भीगने से अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। खेतों में पानी भरे रहने से कटाई कार्य बाधित है। सीवान में पहुंचते किसान मायूस हो जा रहे हैं। जिन किसानों ने आलू, मटर, सरसो, चना, मसूर आदि फसलों की बोआई कराई थी। खेतों में पानी भर जाने से फसल नष्ट हो गई। रबी की बोआई पिछड़ने का खतरा बढ़ गया है। तापमान पर नजर डाली जाए तो शनिवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 95 प्रतिशत रही। जबकि 06 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी। जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। इस संबंध में किसान नेता देवप्रकाश राय, राकेश सिंह, शिवाकांत सिंह, संजीव यादव का कहना था कि बेमौसम बारिश ने सैकड़ों एकड़ फसल धान की फसल नष्ट होने से किसानों की लागत डूब गई है। फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा दिलाया जाए।

किसान नेताओं का दावा : 60 प्रतिशत तक हुआ है फसलों का नुकसान
किसान नेता राकेश सिंह, देवप्रकाश राय ने कहा कि बेमौसम बारिश से जिले में किसानों की भारी क्षति हुई है। 50 से 60 प्रतिशत तक धान की फसल बर्बाद हो गई है। दलहन, तिलहन और आलू की बुवाई की गई थी वह भी पानी में सड़कर नष्ट हो गई हैं। पानी में धान की बाली तैर रही है और डूब गई है। फसलें खेतों में लोट गई है। अगर एक-दो दिन में पानी नहीं सूखा तो धान पानी में अंकुरित हो सड़ जाएगा।

शनिवार को नगर के गाजीपुर तिराहा पर आसमान में छाए काले बादल।संवाद

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