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घाघरा खतरा बिंदु से 15 सेमी नीचे

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दुबारी के बिनटोलिया गाँव के पास घाघरा नदी से कटान को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा डाला जा रहा वोल्? - फोटो : MAU
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दोहरीघाट। घाघरा नदी खतरे के निशान के करीब है। ऐसे में तटवर्ती इलाके के लोग बेचैन हो गए हैं। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 25 सेमी की वृद्धि हुई है। ऐसे में हजारों हेक्टेयर फसल डूबने का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ आने की आशंका देखते हुए बाढ़ खंड आजमगढ़ तथा सिंचाई विभाग अलर्ट हो गया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान ने दोहरीघाट तथा मधुबन क्षेत्र के कटान प्रभावित इलाकों का दौरा कर जायजा लिया।
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घाघरा का जलस्तर लगभग एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में तटवर्ती इलाके के लोगों की नींद उड़ गई है। जहां बुधवार को घाघरा का जलस्तर 69.50 मीटर रहा। वहीं बृहस्पतिवार को जलस्तर 69.75 मीटर हो गया। ऐसे में जलस्तर में 25 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। जबकि नदी का खतरा बिंदु 69.90 है। नदी खतरा बिंदु से मात्र 15 सेमी नीचे बह रही थी। घाघरा की लहरे तेजी से मुक्तिधाम स्थित भारत माता मंदिर की दीवारों से टकरा रही थी। नदी के रौद्र रुप धारण करने से भारत माता मंदिर, मुक्तिधाम, संतोषी माता का मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाकबंगला सहित ऐतिहासिक धरोहरों का आस्तिव खतरे में पड़ गया है। रामघाट पर भी नदी की धारा शाही मस्जिद के पास बने बोल्डर, हनुमान मंदिर के समीप पहुंचने से नगरवासी दहशत में है। नगर के साथ तटवर्ती इलाको के लोगो मे भी बाढ़ की आशंका तेज हो गई है। तटवर्ती इलाकों बहादुरपुर, रामपुरधनौली, नई बाजार, नवली, सरया, पतनई, ठाकुरगाव, गोधनी बीवीपुर, ताहिरपुर, जमीरा चौराडीह, कोरौली, बेलौली, ठीकरहिया, रसूलपुर,सूरजपुर सहित तटवर्ती इलाकों में हजारों हेक्टेयर फसलों के डूबने का खतरा बढ़ गया है। उधर नदी में बाढ़ आने की आशंका से बाढ़ खंड आजमगढ़ तथा सिंचाई विभाग अलर्ट हो गया है। बृहस्पतिवार को सिंचाई विभाग अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान ने दोहरीघाट तथा मधुबन क्षेत्र के कटान प्रभावित इलाकों का दौरा कर जायजा लिया। अधिशासी अभियंता ने बताया कि कटान प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। सभी उपाय पूरे कर लिए गए हैं।
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