फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक दर्जन गावों में जमा है बाढ़ का पानी, नारकीय जीवन जी रहे बाढ़पीड़ित

विज्ञापन
विज्ञापन
दोहरीघाट। घाघरा के जलस्तर में घटाव होने के बाद भी नदी के कहर बरपाने से कस्बा सहित तटवर्ती इलाके के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। नदी के पानी का दबाव मुक्तिधाम स्थित भारत माता मंदिर पर बने रहने से मुक्तिधाम की सुरक्षा में लगे बोल्डर के खिसकने का क्रम जारी है। इससे कस्बा सहित ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। वहीं आजमगढ़ के छोटी सरयू पर बदरहुआं नाला बंधा टूटने से दर्जनों गांवों के 30 किमी एरिया क्षेत्र के हजारों एकड़ फसल नष्ट होने से किसान खून के आंसू रो रहे हैं। बाढ़ प्रभावित तटवर्ती गांवों में जल जमाव से लोग नारकीय जीवन जीने को विवश हैं।
विज्ञापन

घाघरा के जलस्तर में घटाव होने से लोगों ने राहत की सांस तो ली है लेकिन नदी के पानी का दबाव भारतमाता मंदिर पर बन रहने से सुरक्षा मेें लगे बोल्डर खिसकने का क्रम जारी रहने से कस्बा सहित ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। सिंचाई विभाग की तरफ से बोल्डर गिराया जा रहा है, लेकिन कटान जारी है। सोमवार को नदी का जलस्तर 70.05 मीटर रहा। रविवार को 70.20 मीटर रहा। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 15 सेमी का घटाव दर्ज किया गया है।
रविवार को नदी का जलस्तर 70.20 मीटर था वहीं सोमवार को जलस्तर 70.05 मीटर रहा। इस तरह बीते चौबीस घंटे में घाघरा के जलस्तर में पंद्रह सेमी कमी दर्ज की गई। नदी के घटने से तटवर्ती इलाकों के किसानों ने राहत की सांस ली तो है लेकिन घाघरा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। आजमगढ़ में बंधा टूटने से तटवर्ती इलाके के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। नदी का पानी फैलने से क्षेत्र के सियरही, पनइल, कादीपुर, मादी सिपाह, तारनपुर, गोड़वली, हरधौली, रामपुर, धनौली, नई बाजार सहित विभिन्न गांवों की हजारों एकड़ फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो गई हैं। पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। फसलों के नष्ट होने से किसान खून के आंसू रोने को विवश हैं। इसके बाद भी न तो प्रशासनिक अधिकारी और न ही जनप्रतिनिधियों ने सुधि ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें