ग्रामीणों ने बताया कि कटानपीड़ितों को न तो जमीन मिली और न ही मुआवजा मिल सका है। शिकायत के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी मौन हैं। तहसील क्षेत्र के बिंदटोलिया नई बस्ती गांव में कटान जारी रहने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है।
मऊ के मधुबन तहसील क्षेत्र के बिंदटोलिया नई बस्ती गांव में सरयू नदी का कटान जारी है, लेकिन कटान रोकने दिशा में ठोस कदम तक नहीं उठाया जा सका है। 10 दिन में बचे 13 घर नदी में विलीन हो जाने से नई बस्ती पुरवे का अस्तित्व ही मिट गया है। अब तक लगभग 200 बीघा कृषि उपयोगी भूमि नदी में विलीन हो चुकी है।
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10 दिन में घनश्याम, नंदू, राधेश्याम, रामदुलारे, सोनू, टुनटुन, रामशब्द, रामछबीला, शंकर दयाल, रामू, अर्जुन सहित 13 लोगों का घर नदी में विलीन हो जाने से गांव का अस्तित्व ही मिट गया है। अब तक 200 बीघा कृषि उपयोगी जमीन नदी में विलीन होने से लोगों को भूमिहीन होने की चिंता सताने लगी है।
सिंचाई विभाग की तरफ से कटान रोकने के लिए उपाय तक नहीं किया जा सका है। कटानपीड़ित प्रशासन की तरफ से बनाए गए बाढ़ शरणालय में शरण लिए हुए हैं। कटान पीड़ितों के अनुसार सिंचाई विभाग की तरफ से कटान रोकने में कारगर उपाय नहीं किया जा रहा है।
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कटानपीड़ितों का कहना था कि मेहनत की कमाई से बना घर नदी में विलीन गया है। अब खेत भी नदी में समा रहा है। जिला प्रशासन की तरफ से खेत और घर का मुआवजा दिया जाए। भूमिहीन होने के बाद अभी तक न तो सिंचाई विभाग और न ही प्रशासनिक टीम सुधि लेने की जहमत तक नहीं उठाई है। मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो हम लोग तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हो जाएंगे।