जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय एवं राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कुष्ठ रोगी खोजी अभियान के संबंध में बैठक हुई। जिलाधिकारी ने सघन रूप से कार्यक्रम को चलाने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने एएनएम एवं आशाओं द्वारा नए सिरे से सर्वे कराकर शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को टीकाकरण से जुड़े कर्मचारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करने और कार्यों में लापरवाही पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा। एसएनसीयू जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराए गए शिशुओं की माहवार भर्ती की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त पीएचसी एवं सीएससी से रेफरल बढ़ाने को कहा। एनआरसी में सैम बच्चों की जुलाई माह में मात्र 53.5 प्रतिशत भर्ती होने पर सैम बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए। आरबीएसके टीम की सक्रियता बढ़ाने एवं लापरवाही करने पर कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश स्वास्थ्य अधीक्षकों को दिए। जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में रक्त की समीक्षा के दौरान उपलब्ध खून की कम उपलब्धता के लिए जागरुक कर अभियान चलाने के लिए निर्देश दिए। पोर्टल पर सारे डाटा समय से अपलोड करने को भी कहा जिससे प्रदेश स्तर पर जारी रैंकिंग ठीक रहे।
जिलाधिकारी ने समस्त सरकारी संस्थानों में प्रसव बढ़ाने के निर्देश दिए तथा ऐसी आशाओं पर कड़ी नजर रखने को कहा जो प्राइवेट अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए लोगों को प्रेरित करती है। जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों के भुगतान में 95.33 प्रतिशत प्राप्ति पर उन्होंने शत प्रतिशत लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। गर्भावस्था से लेकर बच्चों के जन्म के 42 दिनों तक के बीच की स्थिति में मृत्यु का आकलन करने को कहा। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर, सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि कुष्ठ रोगी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राइवेट स्वास्थ्य केंद्रों में जुलाई माह में कुल 82.24 प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराए गए। रतनपुरा एवं परदहां ब्लॉक में पिछले माह के मुकाबले कम संस्थागत प्रसव हुए।