रतनपुरा रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर पर मऊ-बलिया रेलखंड पर टूटी पटरी की मरम्मत करता रेलकर्मी।
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रतनपुरा रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर के पास टूटी रेल पटरी से पैसेंजर समेत पांच ट्रेनें गुजर गई। गुरुवार की सुबह गश्त के दौरान की-मैन की निगाह टूटी पटरी पर पड़ी तो उसके होश उड़ गए। आनन-फानन में उसने अधिकारियों को सूचना दी तो वह अविलंब मौके पर जा पहुंचे और मरम्मत कार्य शुरू कराया। बुधवार की देर रात किसी समय पटरी टूटने की जानकारी नहीं हो सकी थी। गनीमत था कि पांच ट्रेनें गुजर जाने के बाद भी कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। सुबह नौ से शाम पांच बजे तक मरम्मत कार्य के बाद रूट पर परिचालन शुरू हो गया। मरम्मत के दौरान ट्रेनों को काशन पर गुजारा गया।
रतनपुरा रेलवे स्टेशन के पश्विमी आउटर के 36/1 के पास गुरुवार को पटरी टूट गई। पटरी टूटने की जानकारी किसी को नहीं हुई। इस बीच सुबह 7.45 मिनट पर बलिया से शाहगंज को जाने वाली बलिया-शाहगंज पैसेंजर ट्रेन टूटी पटरी से गुजरी, रेलवे ट्रैक की जांच करने निकले की-मैन संजय कुमार ने टूटी पटरी देखा तो हतप्रभ रह गया। उसने इसकी सूचना स्टेशन अधीक्षक एके पांडेय को देने के साथ मऊ और रसड़ा के अन्य संबंधित अधिकारियों को दी। पटरी टूटी होने की खबर से रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन रेल पथ निरीक्षक अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। देर शाम पांच बजे तक टूटी हुई रेल लाइन को बदलकर नई रेल लाइन लगाकर ट्रेनों के आवागमन के लिए ट्रैक तैयार कर दिया।
रेलवे सूत्रों की माने तो पटरी बुधवार की रात में करीब डेढ़ इंच तक क्रेक हुई थी। टूटी पटरी से गुरुवार की भोर में सुबह 4 बजे पहले मालगाड़ी बलिया से मऊ की और निकली। एक घंटे बाद उत्सर्ग एक्सप्रेस, फिर 6 बजे के करीब मऊ- पैंसेजर और करीब 30 मिनट छपरा-वाराणसी इंटर सिटी इससे गुजरी थी। सुबह 7.45 पर बलिया से शाहगंज को जाने वाली पैसेंजर गुजरने के बाद की मैन संजय कुमार की निगाह ट्रेक निरीक्षण के दौरान इस पर पड़ी। कुछ देर बाद 10 बजे के करीब शाहगंज से बलिया जाने वाली पैसेंजर इस पटरी से गुजरने वाली थी। पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पटरी चटके होने की सूचना पर कर्मचारियों को तुरंत भेज कर मरम्मत कराया गया।