मऊ। हलधरपुर थाना क्षेत्र के मुबारकपुर खोहियां गांव निवासी जितेंद्र राजभर की मौत के मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए बुधवार सुभासपा के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर लिया। आरोप लगाया कि मजदूरी के पैसे मांगने को लेकर हुई कहासुनी में पीट-पीटकर जितेंद्र की हत्या कर दी गई थी। एक घंटे तक चली वार्ता के बाद पुलिस ने बुधवार की शाम प्राथमिकी दर्ज कर ली।
पुलिस ने रोशन राजभर की तहरीर पर रतनपुरा गांव निवासी व्यापारी पप्पू गुप्ता और उनके परिजनों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हृदयगति रुकने से मौत की पुष्टि हुई थी। इस उहापोह में पुलिस ने शव का बिसर सुरक्षित रखवा दिया था। ताकि आपत्ति आने पर दोबारा जांच कराई जा सके।
प्राथमिकी के अनुसार रोशन राजभर का आरोप है कि उनके चाचा जितेंद्र राजभर रतनपुरा निवासी व्यापारी पप्पू गुप्ता के यहां पल्लेदारी और वाहन चलाने का कार्य करते थे। जब भी जितेंद्र अपनी बकाया मजदूरी मांगते थे, पप्पू गुप्ता टालमटोल करते थे। बीते 29 सितंबर की शाम लगभग पांच बजे जितेंद्र राजभर अपनी मजदूरी का पैसा लेने पप्पू गुप्ता के घर गए थे। पैसे मांगने पर पप्पू गुप्ता और उनके परिजनों ने गाली देना शुरू कर दिया।
विरोध करने पर सभी ने मिलकर उनकी लात-घूंसों से से पिटाई कर दी। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद पप्पू गुप्ता शव को घसीटकर घर के बाहर फेंक कर वहां से भाग गया। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीओ दिनेश दत्त मिश्र ने बताया कि तत्कालीन माहौल को देखते हुए शांति बनाए रखने के लिए प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हृदयगति रुकने से मौत की पुष्टि हुई है। मामले में विवेचना पूरी होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।