मऊ/बढुआगोदाम। फर्जी दस्तावेजों और शिक्षण संस्थान पर कब्जे की कोशिश और लाखों रुपये के गबन के आरोप में बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने रायबरेली के शिक्षक एमएलसी उमेश द्विवेदी, मृदुला मिश्रा और मोहम्मद जावेद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। ये कार्रवाई सरायलखंसी थाना क्षेत्र के रैकवारेडीह निवासी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह की शिकायत पर की गई है।
प्राथमिकी के अनुसार, मौलाना अबुल कलाम आजाद एजुकेशन सोसाइटी का पंजीकरण 22 सितंबर 2011 को आदेडीह में कराया गया था। शुरुआत में इसके अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह के छोटे भाई अमित कुमार सिंह और प्रबंधक मोहम्मद जावेद थे।
15 अप्रैल 2021 को अमित कुमार सिंह के आकस्मिक निधन के बाद सर्वसम्मति से अजीत कुमार सिंह को संस्था का नया अध्यक्ष चुना गया। नौ नए सदस्यों को समिति में शामिल करने के कुछ समय बाद संस्थापक प्रबंधक मो. जावेद ने त्यागपत्र दे दिया, जिसके बाद गुलामनवी को प्रबंधक का प्रभार सौंपा गया।
आरोप है कि रायबरेली के ऊंचाहार अरखा मुस्तकील निवासी शिक्षक एमएलसी उमेश द्विवेदी के राजनीतिक प्रभाव में आकर अमित कुमार सिंह की पत्नी मृदुला मिश्रा ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर खुद को संस्था का अध्यक्ष घोषित कराने का प्रयास किया। हालांकि, सहायक निबंधक फॉर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स (आज़मगढ़ मंडल) ने 2 जून 2022 को साक्ष्यों के अभाव में उनके दावों को खारिज कर दिया था। इसके बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एकल पीठ और डबल बेंच दोनों ने ही याचिकाएं खारिज कर अजीत कुमार सिंह को वैध अध्यक्ष और गुलामनवी को प्रबंधक के रूप में बरकरार रखा।
प्रबंधकीय विवाद में चली थी गोली : शिकायतकर्ता अजीत कुमार सिंह का आरोप है कि 24 जून 2024 को परदहां स्थित संस्था के विद्यालय परिसर पर 10-12 गाड़ियों से 40-50 असलाहधारी पहुंचे थे। वहां अंधाधुंध फायरिंग कर ताले तोड़े गए और अवैध कब्जा किया गया। इस संबंध में भी पूर्व में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।