जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शीघ्र ही रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना लागू की जाएगी।
योजना के तहत छात्राओं को मार्शल आर्ट का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर आपात परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के लिए तैयार किया जाएगा। जिले में 17 राजकीय माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं।
विभाग की तरफ से छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा योजना के तहत प्रशिक्षण देने की कवायद तेजी से चल रही है। ब्लैकबेल्ट योग्यताधारी प्रशिक्षक छात्राओं को तीन माह का प्रशिक्षण देंगे।
इसमें मार्शल आर्ट का व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा। यह प्रशिक्षण छात्राओं को आपात परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के लिए तैयार करेगा।प्रत्येक विद्यालय में लगातार तीन माह तक प्रतिदिन 40 मिनट का प्रशिक्षण सत्र आयोजित होगा।
इस दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास कराया जाएगा। संकट की स्थिति में तत्काल निर्णय लेने का प्रशिक्षण भी मिलेगा। मानसिक मजबूती, अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
महिला प्रशिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। योग्य महिला प्रशिक्षक उपलब्ध न होने पर पुरुष प्रशिक्षकों का भी चयन किया जा सकेगा। योजना के तहत प्रत्येक विद्यालय के लिए चयनित प्रशिक्षक को पांच हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा।
तीन माह की प्रशिक्षण अवधि में प्रति विद्यालय अधिकतम 15 हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए शासन से बजट भी जारी हो गया है।
इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को मार्शल आर्ट का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर आपात परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के लिए तैयार किया जाएगा। प्रक्रिया चल रही है।