सूचना पर मऊ कोतवाली पुलिस टीम को एक जनवरी को सिवान जनपद के तेलहट्टा बाजार से दोपहर 3.30 बजे हारिस नसीम को गिरफ्तार कर लिया और मऊ ले आई थी। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि पिता नसीम अहमद उर्फ कोठा शुक्रवार की सुबह वाराणसी से मऊ पहुंचने वाला है।
पुलिस टीम ने दबिश देकर सुबह 08.30 बजे के रेलवे स्टेशन स्थित रामलीला मैदान के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। हारिस का बड़ा भाई होजैफा पहले से जेल में बंद है। बीते 5 दिसंबर को पुलिस ने चोर गिरोह के सरगना होजैफा नसीम, उसके पिता नसीम अहमद उर्फ कोठा, भाई हारिस और डोमनपुरा निवासी साहब अहमद, दक्षिण टोला थाना के नवापुरा निवासी मोहम्मद आमिर, हमीनपुरा पश्चिम निवासी मोहम्मद उमर के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था।
इनपर साड़ी की दुकान और गोदाम से 2.96 करोड़ रुपये की साड़ियां चोरी करने का आरोप सिद्ध हुआ था। साड़ी की दुकान पर सेल्समैन का काम करने वाले हुजैफा को आठ हजार रुपये वेतन मिलता था, लेकिन वो बैंक से लाखों में लेनदेन करता था।
थाना कोतवाली के न्याज मोहम्मदपुरा निवासी साड़ी दुकान मालिक अफजाल की तहरीर पर बीते 12 फरवरी को होजैफा नसीम के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। होजैफा सात साल से दुकान पर काम करता था। काफी समय से बिना जानकारी के दुकान और गोदामों से साड़ियां निकालकर अपने ठिकाने पर जमा करता था।
13 फरवरी को आरोपी होजैफा नसीम और साहब अहमद को पुलिस ने बंधा रोड से गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर दोस्त मोहम्मद आमिर के घर 34 बोरियों में रखी 3344 साड़ियां और साहव अहमद के घर में चार बोरे में रखी 275 साड़ियां बरामद हुई थी। इन साड़ियों की कीमत 20.64 लाख रुपये थी।