कलेक्ट्रेट पर किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता।
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मऊ। कृषि कानून के खिलाफ किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कृषि कानून के खिलाफ किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जुुलूस निकाला। जुलूस सदर तहसील, विकास भवन, कृषि भवन,होता हुआ कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ पुलिस प्रशासन ने जो रवैया अख्तियार किया है। वह चिंताजनक, अमानवीय, अनुचित और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। कोरोना महामारी और ठंड के समय उन पर पानी की बौछार तथा आंसू गैस के गोलों और लाठियों की बारिश की जा रही है, किसानों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। कहा कि 10 दिसंबर तक देशव्यापी एकता एकजुटता अभियान चलाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी संबंधित जरूरी नियमों का पालन करते हुए जनता की समस्याओं पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन पर रोक लगाई जा रही है, जो अभिव्यक्ति की आजादी, लोकतांत्रिक अधिकारों पर कुठाराघात है। इसे देश प्रदेश के अमन पसंद कतारें बर्दाश्त नहीं करेंगी। इस अवसर पर राम कुमार भारती, वीरेंद्र कुमार, बसंत कुमार, शिव कुमार गुप्ता, रामू प्रसाद, मदनलाल, अरविंद मूर्ति, सत्यप्रकाश सिंह, सरोज सिंह, सर्वेश कुमार, विनोद कुमार राव, टेल्हू राम, छविनाथ शर्मा, जयप्रकाश, समसुलहक चौधरी, त्रिभुवन शर्मा,शैलेंद्र कुमार, रोशन चौहान आदि शामिल रहे।