परदहां ब्लॉक क्षेत्र के कुशमौर स्थित राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के सभागार में पांच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजन किया गया। वैज्ञानिकों ने मधुबनी बिहार से आए 22 किसानों को गुणवत्तापरक बीज उत्पादन का गुर सिखाया।
इस मौके पर कार्यक्रम के समन्वयक प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अंजनी कुमार सिंह ने किसानों को फसलों की नई प्रजातियों पर विश्वास बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा कि सही और गुणवत्तायुक्त बीज के चुनाव मात्र से सामान्य से अधिक पैदावार प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने किसानों को सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कल्याणराव ने न्यूनतम बीज प्रमाणीकरण मानकों द्वारा बीज प्रमाणीकरण के महत्त्व और विधियों के बारे में किसानों को विस्तार से बताया। महत्वपूर्ण फसलों के प्रक्षेत्र और बीज मानक से किसानों को परिचित करवाया। सह समन्वयन वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कल्याणराव और वैज्ञानिक डॉ.पी सिवम्मा ने बताया कि मधुबनी, बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र आता है। किसान वहां मुख्यतः धान, गेहूं, मूंग, दलहन, मशरूम और सब्जी की खेती करते हैं। किसानों को आधुनिक तरीके से बीज उत्पादन करने की तकनीक पर विस्तार से प्रकाश डाला।