मऊ। सपा के राष्ट्रीय सचिव राजीव राय ने कहा है कि पीएम मोदी और सीएम योगी यह भूल गए हैं कि वह लोकतांत्रिक देश में हैं। कहा कि देश में सरकार की गलत नीतियों का विरोध करने के लिए संविधान ने अधिकार दिया है। मोदी, योगी शांति पूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले नेताओं को गिरफ्तार कर रहे हैं। यह मनमनी लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। पुलिस के बल पर किसानों की आवाज दबाई नहीं जा सकती है।
जिला प्रशासन को चेताया कि लोकतांत्रिक मुल्यों का ध्यान रखें। सत्ता के इशारे पर जन अधिकारों के साथ खिलवाड़ न करें। कहा कि जब जब बीजेेपी की सरकार आई है पूूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए कानून में फेरदबल करती रही है। उधर गिरफ्तारी के दौरान जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव ने कहा कि पुलिस के बल पर मुख्यमंत्री ने सपा कार्यकर्ताओं का जिस तरह से उत्पीड़न किया है वह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। पूरे जिले में हर बाइक, टेंपो सहित सभी वाहनों को चेक करके कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, यह तानाशाही की हद है।
पीएसी की बस से वापस भेजा नेताओं को
चिरैयाकोट। सपा नेता व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राम प्रताप यादव और पूर्व विधायक बैजनाथ पासवान को रात में पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया था। जिला मुख्यालय से गिरफ्तार कर लाए गए सपा नेताओं को पीएसी की बस से शाम पांच बजे वापस पुलिस लाइन भेज दिया गया।
मधुबन में नेताओं को किया नजरबंद
मधुबन। कृषि बिलों के विरोध में जिला मुख्यालय पर होने वाले धरनें को रोकने के लिए प्रशासन ने जगह जगह बड़े नेताओं को उनके घरों पर पाबंद कर दिया। जो बाहर निकले, उन्हें गिरफ्तार कर थाने लाई । विधान सभा अध्यक्ष चन्द्रकांत मौर्य,गुड्डू चौधरी ममता चन्द्रा को पुलिस ने घर पर ही पाबंद कर दिया गया। सपा नेता रामायन यादव, प्रमुख प्रतिनिधि चन्द्रमणि यादव गुड्डू, राहुल दुबे, अखिलेश सिंह राठौर, सुभाष यदुवंशी , आद्याशंकर यादव,दुधनाथ यादव,रामनाथ यादव आदि सपा नेताओं को गिरफ्तार कर पुलिस थाने लाई। उन्हें शाम को छोड़ा गया।
किसान यूनियन ने एसडीम को सौंपा ज्ञापन
दुबारी। स्थानीय किसान यूनियन के नेताओं ने दुबारी पुलिस सहायता के पास सोमवार शाम केे किसानों ने राष्ट्रीय किसान समन्वय समिति के किसान बिल वापस लेने के आन्दोलन के समर्थन में सभा किया। किसानों ने उपजिलाधिकारी लालबाबू दूबे मधुबन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव सुरेश यादव ,मिथलेश यादव परमा नन्द यादव ,रामनयन यादव, संतोष वर्मा ,बृजेश, परशुराम मौर्य, बालेसर, राजेश यादव ,सवरुं यादव आदि किसान रहे।
किसान सभा ने सौंपा ज्ञापन:
मऊ। किसान सभा के स्टेट काउंसिल सदस्य राम नारायाण सिंह अपने समर्थक किसानों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने तीनों किसान बिलों को वापस लेने सहित अपना मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। उनके साथ किसान नेता गुफरान, मुन्ना यादव, जितेंद्र राजभर,सुधाकर यादव, पीएन सिंह, अनिल, एक राम और उदयी राय आदि थे।
धरना देने जा रहे नेताओं को रोका:
फतेहपुर मण्डाव। मधुबन तहसील क्षेत्र के काठतराव में मधुबन विधानसभा अध्यक्ष चन्द्रकान्त मौर्य अप्पू को रामपुर थानाध्यक्ष ने बलिया बार्डर से गिरफ्तार कर उनको घर पहुंचा दिया और पुलिस बल की तैनाती कर दी। वही राहुल दुबे पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष काशी विद्यापीठ को जजौली उनके आवास से गिरफ्तार करके मधुबन थाना परिसर में बैठाया गया। जबकि उसुरी शारदा गांव निवासी जिला उपाध्यक्ष दिनेश चन्द गुडडू चौधरी को उनके घर पर पुलिस ने नजरबंद किया।
भाकपा माले ने धरना देकर सौंपा ज्ञापन:
मऊ। किसान आंदोलन के समर्थन में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति व वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के नाकेबंदी के बावजूद जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। इस अवसर पर वक्ताओं ने तीनों किसान विरोधी कानून व बिजली संशोधन बिल 2020 को वापस लेने की मांग किया। कहा कि योगी सरकार जनता की समस्याओं और बिगड़ती कानून व्यवस्था को ठीक करने में पूरी तरह नाकाम है।कहा कि नया कृषि कानून कृषि और किसानों को गुलाम बनाने का दस्तावेज है,न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को खत्म करने कृषि भूमि को गिरवी और कृषि बाजारों को कारपोरेट घरानों को सौंपने वाला कानून है जिसे देश का किसान इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। इस अवसर पर किसान नेता अनुभव दास शास्त्री, सत्य प्रकाश सिंह , अर्चना उपाध्याय,जय प्रकाश धूमकेतु, सरोज सिंह, रामु प्रसाद वीरेंद्र कुमार, बसंत कुमार, श्रीराम सिंह, राम नवल सिंह, शेर मोहम्मद, रामजी सिंह, डा, त्रिभुवन शर्मा अरविंद मूर्ति, अनीता, रामजी सिंह, कैलाश चौहान शमशुल हक, शिवमूरत गुप्ता, कल्पनाथ, रोधन चौहान, रामबली, राजेश सिंह,रमाशंकर, राजेश वर्मा, आमिर भाई दयाशंकर, रामप्रवेश, क्रांति नारायण सिंह, सुरेश गौड़ आदि उपस्थित रहे।