मऊ। जिले में धान की नर्सरी डालने की तैयारी शुरू हो गई है। कृषि विभाग ने तमाम दुश्वारियों के बावजूद विभिन्न उन्नतशील प्रजाति के धान के बीज प्रत्येक ब्लाक के राजकीय बीज गोदामों पर भेज दिया है। इसके साथ ही ढैचा बीज की आपूर्ति की गई है। ब्लाक मुख्यालयों के बीज गोदाम पर कुल 552 कुंतल धान बीज की आपूर्ति की गई है। 90 प्रतिशत अनुदान दिया गया है। इफ्को की 2500 एमटी डाई की रैक मिली है। मुगलसराय से यूरिया की एक रैक आने वाली है। जिले के गोदाम में पर्याप्त उर्वरक का भंडार है।
जिले में लगभग 2.62 लाख किसान परिवार हैं। धान की बुआई का लक्ष्य 89 हजार हेक्टेयर रखा गया है। लॉकडाउन हो या भीषण गर्मी अन्नदाता कृषि से जुड़ा प्रत्येक कार्य समयबद्ध तरीके से करने को विवश हैं। बारिश शुरू होते ही किसान धान की नर्सरी डालने की तैयारी में जुट गए हैं। कृषि विभाग की तरफ से राजकीय बीज भंडारों पर सीओ 51, पंत 24, पंत चार, सीआर चार, एचयूआर 917 सहित विभिन्न प्रजातियों के बीज 552 कुंतल भेजा गया है। इसके साथ ही 400 कुंतल ढैचा की आपूर्ति की गई है।
जिले में काफी संख्या में किसान बीते कुछ वर्षों से संडा विधि से धान की खेती कर रहे हैं। उत्पादन अधिक एवं बीज की मात्रा कम होने से यह विधि काफी लोकप्रिय हो रही है। इस विधि से खेती करने वाले किसान धान की नर्सरी डालने की तैयारी में जुट गए हैं। अधिकारियों की मानें तो राजकीय बीज गोदामों पर उपलब्ध सभी प्रजातियां जिले की जलवायु एवं मिट्टी के बेहद अनुकूल हैं। इस बाबत जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना है कि ब्लाक मुख्यालयों के राजकीय बीज गोदाम पर कुल 552 कुंतल धान के उन्नतिशील बीज तथा 400 कुंतल ढैचा की आपूर्ति की गई है। प्रदर्शन धान और ढैचा 90 प्रतिशत अनुदान पर किसान खरीद कर सकते हैं।