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मरीज की मौत पर परिजनों ने किया हंगामा

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मऊ। जिला मुख्यालय पर पुरानी तहसील के पास मौजूद प्राइवेट अस्पताल पर मंगलवार की शाम को कुछ लोगों ने जमकर हंगामा किया। हंगामा करने वालों का आरोप था कि अस्पताल डाक्टर की लापरवाही से उनके मरीज की मौत हुई। बाद में सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस लोगों को समझा बुझाकर शांत कराई। इसके बाद परिवारीजन शव को लेकर रवाना हुए।
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मधुबन तहसील क्षेत्र के नुरुल्लाहपुर निवासी देवंती (55) पत्नी बासुदेव मौर्य को पेट में दर्द की शिकायत पर परिवार वालों ने जिला मुख्यालय पुरानी तहसील के पास स्थित एक नर्सिंग होम में पांच जून को भर्ती कराया। मृतका के पुत्र योगेंद्र के अनुसार निजी नर्सिंग होम के डाक्टर इलाज में लापरवाही बरत रहे थे। चौथे दिन सोमवार की रात दस बजे डाक्टर ने कहा कि मरीज की हालत ठीक नहीं है। इसकी एक जांच करनी होगी, जो बनारस में होगी, बनारस में मेरा अस्पताल है, वहां ले चलो, मैं भी तुम लोगों के साथ चल रहा हूं।
योगेंद्र के अनुसार 11 बजे रात से मऊ से चलकर वे लोग बनारस पहुंच गए। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में डाक्टर ने उनका साथ छोड़ दिया, बोले आप लोग अस्पताल पहुंचो, हम आ रहे हैं। वहां अस्पताल पर पहुंचने पर पूरी रात मरीज तड़पती रही, इस दौरान डाक्टर लगातार फोन कर बुलाने का प्रयास किया गया। लेकिन कही कोई नहीं आया। इस बीच दूसरे दिन 11 बजे मरीज की मौत हो गई। परिवार के लोग शव लेकर मऊ लौट आए।
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परिजनों ने डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर मऊ पुरानी तहसील पर मौजूद अस्पताल के सामने जमकर हंगामा किए। इस दौरान अस्पताल के अन्य मरीजों के अटेंडेंट के साथ आस पास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। परिवार वाले डाक्टर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने पर अड़े रहे। बाद में कोतवाल राम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पहले पोस्टमार्टम कराओ। पुलिस ने पीएम का लफड़ा समझाकर परिजनों को समझा बुझाकर वापस भेज दिया। इस बाबत कोतवाल का कहना है कि यहां पर कोई अपराध ही बना ही नहीं तो मुकदमा किसा धारा में लिखा जाए। नर्सिंग होम संचालक ने निर्धारित फार्म पर योगेंद्र से पहले ही हस्ताक्षर करा लिया था।
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