शुक्रवार की रात आठ बजे रामभवन यादव का चचेरा भाई विजेंद्र यादव नशे की हालत में उनके दरवाजे पर पहुंचा और गाली देने लगा। मना करने पर विजेंद्र के 15 वर्षीय बेटे ने पिता के साथ मिलकर लाठी डंडे से रामभवन को पीटने लगा। जमीन पर गिरने के बाद चाकू से सीने में ताबड़ तोड़ वार कर हत्या कर दी।
रामभवन की पत्नी संगीता की तहरीर पर पुलिस ने विजेंद्र यादव, उसके बेटे, सुनीता और रामावती के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। घटना के बाद से घर में ताला बंद कर सभी सदस्य भाग गए। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार की शाम छह बजे शव घर पहुंचा तो परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए और शव को फ्रीजर में रख दिए।
रविवार की सुबह घोसी कोतवाली के अपराध निरीक्षक मोतीलाल पटेल व कोपागंज थाना के प्रभारी निवारीक्षक रविंद्रनाथ राय फोर्स के साथ खंतिया गांव पहुंचकर परिजनों से बात की, लेकिन वो मांग पर अड़े रहे।
सुबह करीब नायब तहसीलदार अभिषेक वर्मा और सीओ जितेंद्र सिंह ने पहुंचकर बात की, जिसपर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। सीओ ने बताया कि गठित टीम ने आजमगढ़ जिले में तीन, मऊ जनपद मुख्यालय स्थित तीन रिश्तेदारों के घर और कोपागंज में संभावित स्थानों पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी है। जल्द ही सभी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।