कोतवाली में तैनात सिपाही अभिषेक पर आरोप है कि ठीक से जांच किए बिना ही पासपोर्ट सत्यापन में गलत रिपोर्ट लगा दी। उसने एक हजार रुपये नहीं देने पर ऐसा किया। रुपये मांगने के आरोप की पुलिस जांच कर रही है।
कोतवाली क्षेत्र के सरायबड़े निवासी विश्वजीत राजभर ने 16 फरवरी को एसपी को प्रार्थनापत्र देकर शिकायत की। बताया कि उन्होंने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ से आवेदन की जांच के लिए घोसी कोतवाली पर भेजा गया।
घोसी कोतवाली के एक सिपाही 6 फरवरी को फोन करके कोतवाली पर पासपोर्ट सत्यापन के लिए बुलाया। वहां पहुंचने पर उसने 1000 रुपये की मांग की गयी। नहीं होने पर 200 रुपये दिया और बाकी पैसा देने में असमर्थता जताई।
उससे संबंधित सभी कागजात जमा करके वो वहां से चले गए। पैसे नहीं देने के कारण सिपाही ने दोबारा फोन किया और बताया गया कि तुम्हारे खिलाफ पूर्व में प्राथमिकी दर्ज हुई है, जिसके कारण पासपोर्ट नहीं बन पाएगा।
छानबीन करने पर पता चला कि विश्वजीत और उनके पिता के नाम का व्यक्ति कोतवाली क्षेत्र के मखदुमपुर मलिक का निवासी है। उसके विरुद्ध वर्ष 2020 में मारपीट और छेड़खानी के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
सही पते का जिक्र न करते हुए सिपाही ने केवल नाम को दर्शाया और रिपोर्ट लगा दी। विश्वजीत ने बताया कि इस संबंध में लखनऊ कार्यालय से नोटिस आने पर इसकी जानकारी हुई थी।
जांच के बाद पासपोर्ट जारी करने के लिए दोबारा रिपोर्ट लगा दी गई है। सत्यापन के लिए रुपये मांगने के मामले में जांच की जा रही है। सत्यता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। -प्रमेंद्र सिंह, प्रभारी निरीक्षक, घोसी कोतवाली