फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mau : फर्जी पासपोर्ट बनाने के वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार, उम्र के फेर में फंसे जालसाज

Wed, 25 Dec 2024 08:14 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क,मऊ

सार

दोहरीघाट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फर्जी पासपोर्ट बनाने के गिरोह के तीन सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि इस गैंग के सदस्यों ने जिले के सात लोगों को फर्जी पासपोर्ट बनाया है और दो अन्य लोगों  का बनाने की योजना थी।ग्राम प्रधान के प्रत्याशी की शह पर अवैध काम कर रहे थे।
 
विज्ञापन
फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह के सदस्य - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिले की दोहरीघाट पुलिस को बुधवार को बड़ी सफलता मिली, पुलिस ने फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह के सरगना सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं पुलिस द्वारा नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है, इसमें सात लोगों द्वारा फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाया गया है, जबकि दो लोगों को बनाया जाना था। पुलिस को यह सफलता उस समय मिली कि जब पासपोर्ट आवेदन करने के बाद एक युवक दो लोगों के साथ थाने पहुंचा था, यहां आधार कार्ड में दर्ज उम्र के जगह युवक की आधी उम्र देखकर पुलिस को शक हुई, जहां जांच के दौरान इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ।

विज्ञापन


दोहरीघाट एसओ प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि गोरखपुर जिले बडहलगंज थाना क्षेत्र के निवासी लखनौरी निवासी श्यामकरन यादव जिसके द्वारा पासपोर्ट का आवेदन किया था। इसके बाद जांच प्रक्रिया के तहत यह बुधवार को अपने थाना क्षेत्र के मोहाजलकर पंडितपुर निवासी श्यामबहादूर यादव और दोहरीघाट थाना क्षेत्र के बैलोली सोनबरसा गांव निवासी राकेश साहनी के साथ थाने पहुंचा था। यहां आवेदन में उसकी उम्र 59 साल दर्ज होना मिला, जबकि देखने में में वह 35 साल से कम का होना मिला। वहीं इन तीनों के थाना परिसर के अंदर दाखिल हुए तीन संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियां संदेहास्पद थीं।

जिस पर उनके द्वारा इस संबंध में आरक्षी आकाश ठाकुर और अखिलेश गौतम को श्यामकरन यादव के आधार कार्ड की जांच का निर्देश दिया था, जहां जांच में आधार कार्ड चांद करन होना मिला।इस फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर पुलिस ने तीनों को हिरासत मे लेकर पूछताछ की तो फर्जी पासपोर्ट बनाने के इस गिरोह का भंडाफोड़ हुई। पूछताछ में श्यामबहादूर इस सरगना का मुखिया होना मिला, उसके द्वारा बताया गया कि वह फर्जी दस्तावेजों के जरिए ऐसे लोगों का पासपोर्ट बनवाते थे। प्रत्येक पासपोर्ट के लिए 40 से 80 हजार रुपये वसूलने का खुलासा हुआ।बताया कि इस गिराेह ने दोहरीघाट थाना क्षेत्र के विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर आठ फर्जी पासपोर्ट बनवाए हैं।
विज्ञापन


विज्ञापन


दस्तावेजों में हेरफेर लखनऊ स्थित शोएब नामक व्यक्ति के जरिए की जाती थी।बताया कि पुलिस ने इस मामले में फर्जी पासपोर्ट बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए नौ प्रपत्र बरामद किए। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें