मऊ। माघ माह के मौनी अमावस्या के अवसर पर शुक्रवार को जनपद के उत्तरवाहिनी मां सरयू के साथ तमसा नदी के पवित्र जल में हजारों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाकर मनोकामना की सिद्धि के लिए मां की विनती की। माघ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली अमावस्या को माघ अमावस्या या मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन मौन रहते हुए पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सृष्टि के संचालक मनु का जन्म हुआ था, इसलिए भी इसे मौनी अमावस्या कहा जाता है। शुक्रवार की सुबह में सरयू और तमसा के पवित्र जल में स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना किया। सबसे ज्यादा लोग सरयू नदी पहुंचे थे। स्नान के बाद लोगों ने आसपास के राम घाट स्थित हनुमान मंदिर, शिव मंदिर, जानकी घाट स्थित दुर्गा मंदिर, भोलेनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर, जानकी घाट स्थित राम जानकी मंदिर, बौद्ध भगवान, भगवान शंकर मंदिर, भारत माता मंदिर में भी माथा टेेका। कुछ लोगों में गौ दान भी किया।
स्नान के बाद लोगों दान पुण्य किया। इस बार पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। मौनी अमावस्या के अवसर पर पुलिस बल भी पूरी तरह सक्रिय था। क्षेत्राधिकारी दिनेश दत्त मिश्रा, थानाध्यक्ष कल्पना मिश्रा पुलिस बल राजस्व अधिकारी अरविंद पांडेय के साथ घाटों पर भ्रमण करते रहे।
घाटों पर रहा सुरक्षा का पहरा
दोहरीघाट। घाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। चप्पे- चप्पे पर पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। नदी से लेकर चौराहों तक लोगों की सुरक्षा और संदिग्ध लोग पर पैनी निगाह रखी जा रही थी। वहीं महिलाओं ने जमकर खरीदारी भी की तथा जलेबी पकौड़ी की भी खूब बिक्री रही।