उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के तत्वावधान में संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए चिकित्सा, पैरा मेेडिकल, नर्सिंग तकनीकी संवर्ग सहित अन्य पदों पर लगभग 75 हजार संविदाकर्मियों को मानदेय पर रखा गया है।
प्रत्येक वर्ष इनके कार्यो का मूल्यांकन करते हुए अगले वर्ष सेवा विस्तार प्रदान किया जाता है। 31मार्च के बाद असमंजस की स्थिति रहती है। प्रत्येक संगठन की रीढ़ मानव संसाधन माना जाता है। जिनके विकास तथा कल्याण के लिए प्रत्येक नियोक्ता को एक पारदर्शी व कल्याणकारी मानव संसाधन नीति निर्धारित करना होता है।
लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत मानव संसाधन जैसा महत्वपूर्ण कार्य सिफ्सा जैसी अन्य संगठन के अधिकारियों से अतिरिक्त प्रभार के रुप में लिया जाता है। संगठन के माध्यम से शासन को कई बार ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया बावजूद कार्रवाही नहीं की जा सकी है।
एनएचएम में आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त प्रक्रिया को खत्म किया जाए। आउटसोर्सिंग के माध्यम से ही एनएचएम में संविदा पर भर्ती प्रक्रिया की जाए। 15 जुलाई तक मांगों पर विचार नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे।