निर्मल तमसा अभियान सोमवार को बरसात के बीच जारी रहा। इस दौरान मड़ईयां घाट की सफाई के लिए जुटे लोगों ने बारिश की परवाह किए बिना ही अपने काम को अंजाम देने में जुटे रहे। इस दौरान नोडल अधिकारी के रूप में वहां उपजिलाधिकारी घोसी सुनील दत्त सिंह भी सफाई कर्मचारियों के साथ वहां डटे रहे।
कुछ देर बाद जब बारिश थमी तो काम पुन: रफ्तार पकड़ लिया। दूसरी तरफ गायघाट पर सोमवार को सन्नाटा पसरा रहा। यहां जुटे अधिकारीगण पोकलैन का इंतेजार करते रहें। बाद में पोकलैन के प्रभारी एई लोक निर्माण विभाग अंजनी मिश्र से संपर्क करने पर मालूम हुआ कि पोकलैन कल शाम तक घाट पर पहुंचेगी।
बताते चले तमसा को निर्मल बनाने के लिए जिलाधिकारी ने तमसा नदी के घाटों को 14 सेक्टरों में विभाजित किया था। इसक्रम में अभियान का असर रहा कि भदेसरा से लेकर बम घाट तक तमसा पूरी तरह से निर्मल हो चुकी थी। इस दरम्यान हनुमान घाट के लोग रविवार का गायघाट पहुुंचकर वहां श्रमदान किए े। इसी क्रम में मड़ईया घाट पर गंदगी में लपटी तमसा को निर्मल बनाने के साथ गायघाट पर बीच धारा में पड़े पुराने पुल के मलबे को हटाने का कार्य शेष रह गया था।
एक मलबे को तो पोकलैन ने तोड़ा तो दूसरे को कटर से आधा काट गिराया गया। शेष बचे मलबे को तोड़ने के लिए डीएम ने पुन: पोकलैन मंगवाने का आदेश पीउब्लूडी को दिया। इस कार्य की जिम्मेदारी लोनिवि के एई अंजनी मिश्र को सौंपी गई है। डीएम ने बताया कि अंजनी मिश्र पोकलैन लाने के लिए लखनऊ रवाना हो गए हैं।
दूसरी तरफ सोमवार की सुबह सभी अधिकारी और संगठन के लोग तय समय पर गाय घाट पहुंचे, इस बीच बारिश शुरू हो ने से वहां काम नहीं हो सका। जबकि मड़इयां घाट पर लोग बरसात के बीच सफाई में जुटे रहे। सोमवार को घाट पर एडीएम शिवकुमार शर्मा, उपकृषि निदेशक डा. आशुतोष मिश्रा, परियोजना निदेशक हरिचरन सिंह, एसडीएम मधुबन, एसडीएम मोहम्मदाबाद गोहना सहित अन्य अधिकारी घाट पर पहुंचे थे।