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जिला जेल मे लगी ई-लोक अदालत, वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई सुनवाई

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मऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में सोमवार को जनपद कारागार में ई- लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जेल में निरुद्ध बंदियों के मामले की सुनवाई हुई। सिविल जज जूनियर डिवीजन सदर/न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायाधीश पंकज ने जेल में निरुद्ध बंदियों के मामले की सुनवाई की। इस दौरान थाना जीआरपी के एनडीपीएस एक्ट के मामले में विचाराधीन बंदी विकास, कोपागंज थाने के एनडीपीएस एक्ट के मामले में विचाराधीन बंदी शमशाद कुरैशी और सरायलखंसी थाना क्षेत्र के गैंगस्टर एक्ट के मामले में विचाराधीन बंदी हीरा लाल उर्फ रिंकू ने जुर्म स्वीकृति के आधार पर अपने-अपने मुकदमों का निस्तारण करने की याचना की।
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न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तीनों मामलों को संबंधित कोर्ट में भेजते हुए वहां से निस्तारित कराने की सलाह दी। इस दौरान जेल में निरुद्ध बंदी नागेंद्र प्रसाद और फैजान अहमद ने अपने - अपने मामले की पैरवी के लिए सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाने की मांग की है । इस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सत्यवीर सिंह ने दोनों को प्राधिकरण की ओर से उनके मामले की पैरवी के लिए नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने का आदेश दिया। इस दौरान गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध बंदी जयकरन ने बताया कि वह आठ वर्षों से अधिक समय से लगातार जेल में है, उसे सीआरपीसी के प्रावधानों का लाभ देते हुए मुचलके पर रिहा किया जाए। जिस पर प्राधिकरण के सचिव ने जयकरन का प्रार्थना पत्र तैयार कर उसे अग्रसारित करते हुए संबंधित कोर्ट में भेजने का निर्देश जेल अधीक्षक को दिया। ई-लोक अदालत में जेल अधीक्षक अविनाश गौतम , रिमांड /पैनल अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह, सहायक सिस्टम ऑफिसर आरिफ सैफी, धीरज त्रिपाठी, श्याम सुंदर सिंह, रश्मि अग्रवाल आदि लोग उपस्थित रहे।
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