कोतवाली क्षेत्र के खत्रीपार गांव में ट्रांसफार्मर की मरम्मत के दौरान ही बिजली आपूर्ति बहाल होने से संविदा कर्मचारी को करेंट लग गया। जिससे वह नीचे गिर कर घायल हो गया।
इससे गुस्साए ग्रामीणों ने रविवार को पूर्वाह्न लगभग 11 बजे गांव के वनगांवा मोड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। जाम की सूचना मिलने पर अपराह्न लगभग ढाई बजे मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी घोसी जगदंबा सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझा बुुझाकर उन्हें शांत कराया।
क्षेत्र के खत्रीपार गांव का ट्रांसफार्मर जला हुआ था। ग्रामीणों की मांग पर बिजली विभाग की ओर से नया ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया रविवार को शुरू हुई। टड़ियांव निवासी 25 वर्षीय संविदा विद्युतकर्मी वीरेंद्र कुमार सबस्टेशन घोसी से शटडाउन लेकर खत्रीपार जाकर खंभे पर चढ़ा।
इस बीच आपूर्ति बहाल हो गई, जिससे वीरेंद्र करेंट लगने से खंभे से गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्राम प्रधान कलिका चौहान ने ग्रामीणों की सहायता से उसे तुरंत सीएचसी पहुंचाया। घटना से गुस्साए खत्रीपार वनगांवा और लाला की छावनि के ग्रामीणों ने राष्ट्रीराजमार्ग को जाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शटडाउन लेने के बाद भी विद्युत आपूर्ति बहाल करना बिजलीकर्मियों तथा अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए को दर्शाता है। अधिकारियों के लापरवाही का खामियाजा हम ग्रामीणों को भी भुगतना पड़ता है।
प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराए जाने के बाद भी लापरवाह अधिकारियों व बिजलीकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एसडीएम घोसी जगदंबा सिंह ने जांच का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। वहीं, शट डाउन के बाद भी विद्युत उपकेंद्र से विद्युत आपूर्ति बहाल देने के मामले में जेई पृथ्वीनाथ का कहना है कि टीम गठित कर दी गई है। जांच में दोषी पाए वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।