मऊ। शहरी यातायात प्रबंधन नगर सहित पूरे जिले में विफल है। बढ़ते वाहन और इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच बाजारों में पार्किंग को लेकर नाम मात्र की व्यवस्था। पिछले 5 वर्षों में वाहनों की संख्या में तीस फीसदी बढ़ी है, लेकिन नगर के किसी भी सार्वजनिक बाजार में पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई। जिससे नगर में जाम लगने से करीब दो किमी की दूरी तय करने में 40-50 मिनट तक लग जाते हैं।
दूसरी तरफ नगर में रोडवेज से लेकर गाजीपुर तिराहा तक कई प्रतिष्ठान खुले हैं, लेकिन पार्किंग की व्यवस्था सिर्फ तीन से चार ही जगह है। इससे नगर के सबसे भीड़भाड़ वाले बाजार आजमगढ़ मोड़, रोडवेज पर सुबह 11 बजे के बाद देर शाम तक जाम लगता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो तो 2020 में दो पहिया वाहनों की संख्या दो लाख 72 हजार 662 थी। जो 2025 में तीन लाख 88 हजार 352 पंजीयन है। 2020 में चार पहिया 17902 वाहन थे। जो 2025 में 26134 पंजीकृत हैं। बाजारों के मुख्य मार्ग पर बनी दुकानों, प्रतिष्ठानों के कागज में बेसमेंट में पार्किंग तो दिखाया गया है, लेकिन बेसमेंट में दुकानें संचालित होती हैं। सड़क पर मुख्य बाजार होने के कारण प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोगों का आवाजाही होती है। बाजार में खरीदारी करने आए लोग सड़क के तरफ अपनी दो और चार पहिया वाहन खड़ा कर देते हैं। ऑटो चालक भी आड़े तिरछे ऑटो खड़ा कर सवारियां बैठाते हैं। दोनों तरफ वाहनों के खड़े रहने से सड़क सिमट जाती है, जिससे जाम लगता है। जाम से मुक्ति के लिए नगर पालिका ने सड़क की चौड़ाई बढ़ाई, डिवाइडर भी बनवाया गया। लेकिन पार्किंग की व्यवस्था नहीं कराई गई। अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था करने की बात कही जा रही है। जाम में फंसे लोग परेशान होते हैं।