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इंस्पायर अवॉर्ड : पोर्टल खुलने के 15 दिन बाद एक भी आवेदन नहीं

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मऊ। इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना के तहत बाल वैज्ञानिकों का पोर्टल पर पंजीकरण कराने में विद्यालय प्रशासन रुचि नहीं ले रहा है। शासन की तरफ से पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए पोर्टल खोलने के 15 दिन बाद एक भी विद्यालय ने पंजीकरण नहीं कराया है।
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योजना के तहत चयनित छात्रों को मॉडल बनाने के लिए 10 हजार रुपये सरकार की ओर से दिए जाते हैं। इस योजना के तहत आवेदन 15 जून से 15 सितंबर तक समय सीमा निर्धारित की गई है। जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त, 436 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। इसके अलावा बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, सीबीएसई, आईसीएसई से संबद्ध विद्यालय हैं। इंस्पायर अवाॅर्ड प्रतियोगिता में छात्रों को राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त होता है।
विद्यालयों के छात्र प्रधानाचार्य के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर अपने आइडिया को अपलोड करते हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की तरफ से छठवीं से 12वीं के छात्रों को शामिल किया गया है। विद्यालयों में इंस्पायर अवाॅर्ड प्रतियोगिता का आयोजित की जाती है। जिला स्तर से चयनित विद्यार्थी राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रदर्शनी में अपने आइडिया पर बनाए गए मॉडल को प्रस्तुत करते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने वाले विद्यार्थी को प्रोत्साहन राशि देकर पुरस्कृत किया जाता है। योजना के तहत आवेदन 15 जून से शुरू किए गए थे। लेकिन अभी तक एक भी स्कूल ने अभी तक ऑनलाइन आवेदन नहीं किया है।
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अधिकारियों की मानें तो गत वर्ष जिले में अच्छी संख्या में आवेदन हुए थे। एक जुलाई से विद्यालय खुले हैं। प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि इंस्पायर अवॉर्ड योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया चल रही है। जिले के सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं। समीक्षा में लापरवाही मिलने पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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