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लेट लतीफी के चलते लोग आरटीपीसीआर की बजाय एंटीजन को दे रहें तरजीह

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मऊ। आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट विलंब से आने के कारण लोग अधिकतर एंटीजन टेस्ट करा रहे हैं। सैंपल देने के बाद स्वास्थ्यकर्मी तीन से चार दिन में जांच रिपोर्ट आने की बात कह रहे हैं जबकि रिपोर्ट सात से आठ दिन के बाद आ रही है। जिले में अब तक 4 लाख 17 हजार 823 लोगों की कोरोना जांच की गई है। इसमें 2 लाख 32 हजार 954 लोगों की जांच एंटीजन और 1 लाख 84 हजार 869 लोगों की जांच आरटीपीसीआर से की गई है। इसमें बृहस्पतिवार तक 7 हजार 575 लोग संक्रमित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा आंकड़ों के अनुसार बीते तीन माह के मुकाबले बीते अप्रैल में संक्रमण की रफ्तार कई गुना थी।
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एक अप्रैल माह से बीते 8 मई तक 66 हजार 408 लोगों की जांच की गई थी। इसमें 37 हजार 119 जांच एंटीजन और 29 हजार 289 जांच आरटी-पीसीआर से की गई। आरटी-पीसीआर से ज्यादा एंटीजन टेस्ट हुई है। आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट सात से आठ दिन बाद आने के कारण लोग एंटीजन को तरजीह दे रहे हैं।
घोसी तहसील के पवनी निवासी मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्होंने पांच मई को सैंपल दिया था लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। मझवारा के सनीप्रकाश पांडेय ने बताया कि नौ दिन पूर्व आरटी-पीसीआर जांच के लिए सैंपल दिया था। एक सप्ताह बीतने के बाद भी रिपोर्ट नहीं आई। रविप्रकाश तथा मोनू पांडेय ने बताया कि एक सप्ताह बीतने के बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं आई।
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