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Mau News: पंचायत चुनाव के असमंजस के कारण इस वित्तीय वर्ष एक भी कार्ययोजना नहीं भेजी गई

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मंगलवार को जिले की 643 ग्राम पंचायतों में वर्तमान प्रधानों को अगले छह माह के लिए प्रशासक नियुक्त किया गया है। पंचायत चुनाव के असमंजस के कारण इस वित्तीय वर्ष में अभी तक एक भी कार्ययोजना नहीं भेजी गई है।
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वित्तीय अनियमितता के कारण ओन्हाइच और परसिया जयरामगिरी में नामित सदस्यों को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीएम और सीडीओ ने पंचायतीराज विभाग के साथ बैठक कर सभी ब्लॉकों को इस संबंध में पत्र भेजने के निर्देश दिए थे।
डीपीआरओ ने 645 ग्राम पंचायतों का डोंगल खोलने के बाद सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र भेजकर प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने की जानकारी दी।
इस वर्ष 22 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होनी थी, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों की सूची में 5,512 डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर उनके सत्यापन के लिए निर्देश दिए।
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डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन का कार्य तीसरी बार बढ़ाया गया है। यह कदम पंचायत और नगरीय निकायों की सूची में विधानसभा सूची की तुलना में 3,61,588 अतिरिक्त मतदाताओं की वजह से लिया गया।
डीपीआरओ कुमार अमरेंद्र ने बताया कि शासन के निर्देश पर कार्यकाल समाप्त होते ही मंगलवार को प्रधानों को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया। उनके पास केवल ग्राम पंचायतों से जुड़े सामान्य कार्य कराने का दायित्व होगा।
नए या नीतिगत कार्यों के लिए प्रस्ताव डीपीआरओ और जिलाधिकारी के माध्यम से भेजने होंगे। जिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद ही प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाएगा।

बोले प्रधान
भले ही वित्तीय अधिकार नहीं मिले हैं, लेकिन गांव के विकास कार्यों को रुकने नहीं देंगे। प्राथमिकता के आधार पर साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और चल रही योजनाओं की निगरानी पर ध्यान देंगे। नए कार्यों के लिए समय से प्रस्ताव बनाकर जिलाधिकारी से अनुमोदन कराएंगे। साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। -राजकुमार चौहान, प्रधान भतड़ी चकभतड़ी

गांव का विकास सिर्फ पैसे से ही नहीं, बल्कि सही प्रबंधन और निगरानी से भी होता है। आंगनबाड़ी, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देंगे। जिन कार्यों के लिए धन की जरूरत होगी, उनके प्रस्ताव बनाकर समय से भेजेंगे। जनता के सहयोग से छोटे-छोटे कामों को भी प्राथमिकता पर पूरा कराया जाएगा। - प्रमोद यादव, प्रधान ओटनी

वित्तीय अधिकार सीमित होने के बावजूद गांव में चल रहे अधूरे कार्यों को पूरा कराने की दिशा में काम करेंगे। मनरेगा और अन्य योजनाओं के तहत श्रम आधारित कार्यों को बढ़ावा देंगे। जल निकासी, सड़क मरम्मत और बिजली से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता देंगे और संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर समाधान कराएंगे। -अभय कुमार मौर्य, प्रधान गोकुलपुरा
बतौर प्रशासक पहली प्राथमिकता गांव की मूलभूत सुविधाएं बनाए रखना है। सफाई, जलापूर्ति और सार्वजनिक स्थलों की देखरेख पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नए विकास कार्यों के लिए नियमानुसार प्रस्ताव भेजकर अनुमोदन लिया जाएगा। गांव के लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें जोड़ना भी कार्य का अहम हिस्सा रहेगा। - संजय कुमार, प्रधान कसारी
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