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वर्दी में नजर नहीं आते रोडवेज के चालक-परिचालक

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मऊ। जिले के रोडवेज डिपो में कौन रोडवेज का चालक है, कौन परिचालक इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। दरअसल डिपो से संचालित बसों के चालक-परिचालक वर्दी नहीं पहन रहे हैं। जबकि नियमानुसार रोडवेज बस चालकों-परिचालकों को वर्दी पहननान अनिवार्य है। परिवहन निगम की नियम के अनुसार रोडवेज चालक और परिचालकों के बस में चलते समय गले में पहचान पत्र आवश्यक रूप से पहनने के साथ वर्दी पहनना अनिवार्य है। परिवहन निगम की नियमावली के मुताबिक चालक को खाकी और परिचालक के लिए स्लेटी रंग की वर्दी पहनना जरूरी है। सर्दियों में दोनों को खाकी जर्सी पहननी होती है। इस नियम का पालन रोडवेज में नहीं हो रहा है। जिसके कारण बसों में चालक-परिचालकों का पहचानना मुश्किल हो रहा है।
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चालक-परिचालकों का कहना है कि विभाग से कपड़ा न मिलने के कारण वे वर्दी नहीं पहन पा रहे हैं। जिसके चलते वह सामान्य कपड़े पहनकर ड्यूटी कर रहे हैं।दूसरी तरफ चालक-परिचालकों की वर्दी में न होने तथा पहचान पत्र न पहनने से यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि किसी स्थिति में कोई शिकायत करनी होती है तो यात्री को उनके नाम की जानकारी नहीं मिल पाती है। जिससे मजबूरन जागरूक यात्री बस के नंबर के आधार पर ही शिकायत करते हैं। जबकि दूूसरे यात्री बिना शिकायत के ही चले जाते हैं।
एआरएम रमेश चंद्र ने बताया कि निगम द्वारा चालक- परिचालकों को वर्दी उपलब्ध कराई जाती है। ड्यूटी के दौरान ये वर्दी क्यों नहीं पहन रहे हैं, इसकी जानकारी की जाएगी।
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