नगर के सहादतपुरा स्थित एक आवास पर बृहस्पतिवार को दहेज विषय पर अमर उजाला फाउंडेशन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं और युवतियों ने एक स्वर में दहेज को अभिशाप बताया। साथ ही समाज से इसे खत्म करने की बात कही।
संवाद कार्यक्रम में नगर सहादतपुरा निवासी कृष्णा खंडेलवाल ने कहा कि आज के दौर में जिस प्रकार से बहुओं को प्रताड़ित कर उन्हें मारा जा रहा है, इसमें शामिल दोषियों को सख्त सजा देनी चाहिए।
वहीं लड़की के माता-पिता को समझना चाहिए कि जो शादी से पहले ही दहेज की मांग कर रहा है, वह शादी के बाद क्या करेगा। ऐसे में बराबरी के घर में शादी करनी चाहिए।
नगर के सहादतपुरा नई बस्ती निवासी संगीता द्विवेदी ने कहा कि लड़कियों को बचपन से ही मजबूत और सशक्त बनाने की आवश्यकता है। वे आत्मनिर्भर रहेंगी तो माता-पिता को दहेज देने की कोई आवश्यकता नहीं है।
नगर के मुंशीपुरा निवासी संगीता गुप्ता ने कहा कि दहेज लोभियों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए, जिससे उन्हें समझ में आए कि उसके घर कोई वस्तु नहीं, किसी की बेटी शादी करके आ रही है।
नगर के निजामुद्दीनपुरा निवासी अर्चना बरनवाल और अदिति बरनवाल ने कहा कि जब भी कोई पिता अपनी बेटी की शादी करने जाए और सामने वाला दहेज की मांग करे तो वहां शादी नहीं करनी चाहिए। साथ ही उसका नाम सामाजिक रूप से उजागर किया जाना चाहिए, जिससे वह कभी दहेज मांगने की हिम्मत न करे।
संवाद में पारुल खंडेलवाल और वंदना खंडेलवाल ने कहा कि ससुराल में यदि किसी प्रकार की प्रताड़ना दहेज के लिए होती है तो अपने माता-पिता, भाई-बहन से यह बात जरूर साझा करनी चाहिए, ताकि कोई अनहोनी होने से पहले यह बात सबके सामने आ जाए।
युवती नीतू और तनुषा राजभर ने कहा कि जो भी खुलकर अपने बेटे की बोली लगाकर दहेज मांगता है, उसके खिलाफ पुलिस में सूचना देकर कार्रवाई करने की जरूरत है। तभी बेटियों पर हो रहे अत्याचार को रोका जा सकेगा।