दोहरीघाट। घाघरा के बढ़ते जलस्टर व आजमगढ़ जिले के बदरहुआ बंधा के रिसाव के चलते दोहरीघाट आजमगढ़ राजमार्ग के दोनों किनारों तक बाढ़ का पानी आ गया है। जलस्तर तनिक भी बढ़ा तो दोहरीघाट-आजमगढ़ मार्ग बंद करने की नौबत आ सकती है। घाघरा नदी की लहरों का दबाव कस्बे के ऐतिहासिक धरोहरों पर लगातार बढ़ता जा रहा है। कस्बे के तीन मुहल्लों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। दोहरीघाट-आजमगढ़ मुख्य मार्ग के किनारे वाले गांव रामपुर धनौली से लेकर नई बाजार, हरधौली, नवली, चिउतीडाड़ आदि गांवों की सड़क से सटे खेतों में पानी भर जाने से सड़क से मात्र कुछ ही सेमी नीचे रह गया है। घाघरा के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का पानी कभी मेन सड़क पर आ सकता है। इससे दोहरीघाट-आजमगढ़ राजमार्ग कभी भी बंद किया जा सकता है।
घाघरा का जलस्तर स्थिर लेकिन खतरा बरकरार
दोहरीघाट। घाघरा के बढ़ते जलस्तर से जहां चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। वही नदी का जलस्तर स्थिर तो है लेकिन अभी भी नगर सहित तटवर्ती इलाको में बाढ़ के पानी से सैकड़ो घरो में पानी घुसा हुआ है। मुक्तिधाम स्थित भारत माता मंदिर की सुरक्षा में लगे बोल्डर धीरे धीरे धसक रहे हैं। जिससे भारतमाता मंदिर पर खतरा बढ़ गया है।शवदाह स्थल व खाकी बाबा की कुटी से डीह बाबा मंदिर तक लगाए गए बोल्डरो के खिसकने व कटान से नगर व ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। तटवर्ती इलाको में धान की फसल बाढ़ के पानी मे डूबकर बरबाद हो गई है। कस्बे में बाढ़ का पानी रुके होने से संक्रमण बीमारियों के बढ़ने का खतरा बढ़ गया है वही निचले घरो में पानी घुसने से लोग परेशान हाल है। गुरुवार की शाम को घाघरा का जलस्तर 70.80 मीटर था जब कि शुक्रवार को भी उसी स्तर पर स्थिर रहा। हालांकि अभी नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से तीन फीट ऊपर बह रही है।
दो गांवों में की गई 11 नावों की व्यवस्था
दोहरीघाट। घाघरा के रौद्र रूप का दंश झेल रहे तटवर्ती इलाकों में प्रशासन ने 11 नावों की व्यवस्था की है। इनमें हरधौली में नौ व नवली में दो नावों की व्यवस्था की गई है। आजमगढ़ जिले के बदरहुआ बंधा से रिसाव के कारण हरधौली,चकभगवांन दास,और डाडी,मादीसिपाह,रामनगर,मनिकापुर,सियरही, लामी, तारनपुर,कादीपुर,रामपुर धनौली आदि गांवों में पानी घुसने से सैकड़ों घर पानी से घिरे हुए हैं। वही एसडीएम आशुतोष राय ने गुरुवार की देर शाम को हरधौली और डाड व चकभगवांन दास के बाढ़ पीड़ितों को राशन किट बाटा गया।
जलस्तर बटा ,लेकिन समस्याएं जस की तस :
दुबारी। घाघरा नदी के जलस्तर में धीमी गति से घट रहा है। लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों में समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। घाघरा नदी के बाढ़ में घिरे गांवों के लोग महीनों से पानी के बीच रहकर जीवन बिता रहे हैं। पानी से घिरे कई गांवों में कच्ची मकान धराशायी हो गये हैं।मधुबन तहसील क्षेत्र के परसिया जयराम गिरि हाहा नाला पर शुक्रवार को 66.58 मीटर था। यह जलस्तर अभी भी खतरे के निशान 66.31 से 18 सेंटीमीटर ऊपर है। जलमग्न गांवों में धर्मपुर नयी बस्ती जरलहवा बईरकंटा भगत बिंदटोलिया नयी बस्ती ,बिन्दर का पूरा, बिशुन का पूरा, भगत का पूरा, धूस पुरवा पब्बर का पूरा, मनमन पुरवा, चौहानपुर, चक्की मूसाडोही ,मोलनापुर, दिया बरोहा ,टांडी़ ,गजियापुर, परसिया जयराम गिरि आदि गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं।
नाव न मिलने से जान जोखिम में डालकर आ जा रहे लोग :
सूरजपुर ।घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से सूरजपुर गांव वालों का मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। नदी खतरा बिंदु से ऊपर बहने से आधा दर्जन गांव संपर्क मार्ग पानी में डूबे हुए हैं। पर्याप्त नाव की व्यवस्था ना होने से लोग जान जोखिम मे डालकर आने जाने को विवश हैं। सूरजपुर देवारा क्षेत्र के बैदापुर आश्रम महुआबारी बड़की बारी बस्ती बेलौली पानी से घिरे हुए हैं। सूरजपुर बैदापुर निवासी सुरेश साहनी, कमलेश साहनी, जीऊत पासवान के घर पानी से घिरे हुए हैं। कुछ दिन पहले घरभरन का कच्चेे मकान बाढ़ में ध्वस्त हो गया
सपा नेता अजय यादव ने बांटी राहत सामग्री :
बाढ़ प्रभावित गांवो में अजय यादव ने 186 पैकेट राहत सामग्री का किया वितरण।
कुसुम्हा। दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में सपा युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरी के निर्देशन में शुक्रवार को सपा नेता अजय यादव उर्फ आंसू ने बाढ़् पीडिंतों को राहत सामग्री वितरित किया।पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सपा नेता यादव लामी,तारनपुर,हरधौली आदि गांवो में 186 पैकेट राहत सामग्री का वितरण किया।इस दौरान पूर्व प्रधान रामाश्रय यादव,रवि मद्धेशिया,दीपू यादव, राजू मद्धेशिया, राजू यादव, छोटे लाल सोनकर, दीपक सोनकर, ओम प्रकाश सोनकर, भजनलाल, चंदन कुमार ,रत्नेश कुमार ,संजय कुमार, सत्येंद्र, अरविंद, छोटू, अजीत ,संदीप, आकाश ,राणा, देवानंद, विजय आदि उपस्थित रहे।
जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण
दुबारी। घाघरा नदी के जलस्तर बढ़ते ही ग्राम पंचायत के पब्बर पुरवा संपर्क मार्ग दस दिन पूर्व में तीस फीट की लंबाई में टूट गया था। प्रशासन ने टूटे संपर्क की मरम्मत कराने का कोई उपाय नहीं किया। गांव के लोगों को बाहर निकलने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी। पब्बर पुरवा के ग्रामीणों ने खुद ही उपाय निकाला। ग्रामीणों ने लगभग तीस फीट लम्बा बांस का पुल बनाकर संपर्क मार्ग को जोड़ दिया। हालांकि इस पुल से गुजरना काफी जोखिम भरा है। लेकिन अन्य कोई विकल्प न देख गांव वासी प्राण को जोखिम में डाल कर इस बांस के इस पुल से आ जा रहे हैं।
इस बांस के पुल से गांव वासी सिर्फ पैदल किकसी रतह आ जा रहे हैं। पब्बर पुरवा का यह संपर्क मार्ग मुख्य मार्ग में पुरवा को जोड़ने का कार्य करता है। पब्बर पुरवा में लगभग पचास से ज्यादा की संख्या मेंपरिवार रहते है और घाघरा नदी काफी दिनों से पब्बर पुरवा को चारों तरफ से घेर रखी है। इस संबंध में गांव के शिवभोरिक यादव, पब्बर चौहान, रुदल चौहान, बिपिन चौहान ,लालबहादुर चौहान, पप्पू चौहान, शनिदेवन चौहान, कृष्णा चौहान ,रामबचन चौहान, चंडी चौहान ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी गांव वासियों की इस भारी समस्या से मुंह मोड़े रहे तो गांव वालों ने खुद ही बांस का पुल तैयार किया।
देवारावासियों का संपर्क मर्यादपुर बाजार से टूूटा :
फतेहपुर मण्डाव।मधुबन तहसील क्षेत्र के बैरियाडीह पुल से लेकर लखनोर गांव तक के मुख्य सड़क पर अधिक पानी लगने के चलते मर्यादपुर बाजार का संपर्क मार्ग टूट गया है। इसके चलते देवारा वासियो का आवागमन बाधित हो गया है। सपा के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र मिश्रा ने बैरिया डीह के पुल सहित आधा दर्जन गांवों में जाकर बाढ़ का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ी और ऊंची करनी पडेगी।सपा नेता ने प्रशासन से बैरियाडीह, हाहा नाला,लखनोर, मुड़ाडार, नेवादा आदी जगहों पर नाव सहित अन्य सभी जरूरी सुविधाएं व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग किया है। उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष सपा इन्द्रकैलाश यादव, प्रदेश सचिव आदि रहे।