कलेक्ट्रेट पर मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते लेखपाल।
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लेखपालों की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही। प्रशासन द्वारा निलंबन और एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की परवाह न करते हुए हड़ताली लेखपालों ने जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। उधर, शासन के आदेश पर 362 लेख्ापालों को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया। जबकि इससे पहले आठ लेखपाल निलंबित हुए तो सात पर प्राथ्ामिकी दर्ज हुई।
आठ सूत्री मांगों को लेकर जिले के सारे लेखपाल तीन जुलाई से हड़ताल पर हैं। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन चाहे जितनी भी दमनात्मक कार्रवाई कर ले लेखपाल झुकने वाले नहीं हैं। वक्ताओं ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश मिलने तक अथवा मांगें पूरी होने तक हमारी हड़ताल जारी रहेगी। इस पर किसी भी हाल में कर्मचारी समझौता नहीं करेंगे। हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। जिलाध्यक्ष पारस नाथ पासी ने कहा कि हमारे साथियों के विरुद्ध निलबंन से लेकर एफआईआर दर्ज करने जैसी दमनात्मक कार्रवाई जिला प्रशासन कर चुका है। जिला प्रशासन का यह प्रयास हमारे साथियों का मनोबल तोड़ने के लिए किया जा रहा है। लेकिन ऐसी किसी भ्ाी साजिश शिकार लेखपाल नहीं हो पाएंगे।
कहा उनकी संगठन की एकता को अधिकारी तोड़ने का प्रयास न करें। उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकेगी। धरना सभा को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिरूष के जिलाध्यक्ष रामाश्रय यादव, मंत्री विक्रमादित्य गुप्त, सुरेंद्र यादव, बाबू राम मौर्य, जयप्रकाश यादव, अरुणेंद्र यादव, जितेंद्रधर द्विवेदी, शैलेंद्र लाल, संजीव कुमार पांडेय, हरिनाथ राम, बालचंद यादव, राम समुझ, मुन्ना लाल, विवेक राय, माया देवी, सत्येंद्र प्रकाश, संदीप कुमार सिंह, संजीव कुमार पांडेय, रघुपति राम, पंकज पांडेय, देवेंद्र यादव और उदयभान यादव मौजूद रहे।