जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में शुक्रवार को कर करेतर राजस्व की वसूली और सीएम डैशबोर्ड पर आधारित राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कम वसूली पर नाराजगी जताई। साथ ही संबंधित विभागों को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए, जिससे वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
इस दौरान निर्धारित माह के सापेक्ष व्यापार कर में 98.87 प्रतिशत, स्टांप रजिस्ट्रेशन में 85.31 प्रतिशत, परिवहन कर में 127.39 प्रतिशत, आबकारी में 86.92 प्रतिशत खनन में 217.87 प्रतिशत, विद्युत देय में 48.52 प्रतिशत की वसूली पाए गई। परिवहन, खनन, बैंक देय में निर्धारित वसूली वर्ष माह अक्टूबर से नवम्बर तक जनपद ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत से अधिक की प्राप्ति की है।
आबकारी अधिकारी को आबकारी की वसूली में विशेष प्रयास कर अपनी रैंकिंग सुधारने को कहा। विद्युत विभाग में अभी तक मात्र 48.52 प्रतिशत वसूली पर वसूली बढ़ाने, चिकित्सा व लोक स्वास्थ्य विशेष ध्यान देते हुए प्रतिशत में सुधार, नगरी निकाय की वसूली में खराब प्रगति होने पर जिलाधिकारी ने वसूली में तेजी लाने, सीएम डैशबोर्ड आधारित राजस्व कार्यो की नवंबर माह में जारी रैंकिंग में खराब प्रगति वाले विभागों को लगनता पूर्वक कार्य करते हुए रैंकिंग सुधारने के निर्देश दिए।
जिन विभागों का ए प्लस या ए ग्रेड नहीं है उनको विशेष प्रयास कर ए प्लस या ए ग्रेड में लाने को कहा। आईजीआरएस की शिकायतों में शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने के साथ गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण के निर्देश दिए।
10 बड़े बकायेदारों से वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। बैठक के दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी, अपर जिला अधिकारी सत्यप्रिय सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।