जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में विकास भवन में शुक्रवार को शासन द्वारा निर्धारित 71 प्रारूपों पर विकास कार्यक्रम एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने कहा कि खजाने में फंड की कमी नहीं है, फिर क्यों विकास कार्यों को समय से नहीं निपटाया जा रहा।
बैठक में सोलर पंप, पारदर्शी किसान योजना, एग्रीकल्चरल मार्केटिंग हब, नवीन मंडी की स्थापना, कुक्कुट विकास, कामधेनु योजना, फोर लेंथ से जोड़ना, राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना, सर्वशिक्षा अभियान, संपर्क मार्ग, समाजवादी पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आम आदमी बीमा योजना, कृषक दुर्घटना बीमा, लोहिया ग्रामीण आवास, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, आंगनबाड़ी केंद्र की स्थापना, स्वच्छ शौचालयों में प्रगति इस महीने शून्य पाई गई। जिलाधिकारी ने इस पर गंभीर नाराजगी जताई।
उन्होंने सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) एवं समस्त खंड विकास अधिकारी तथा जिला विकास अधिकारी तथा जिला पंचायतराज अधिकारी को सात सितंबर को 6 बजे शाम कैंप कार्यालय पर उपस्थित होने का निर्देश दिया। कहा कि धनराशि रहते हुए लक्ष्य से पीछे रहना शर्मनाक है।
बैठक में कौशल विकास मिशन, स्वयं सहायता समूह गठन, ग्रामीण पेयजल, लोहिया ग्रामीण आवास, जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना, आसरा योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, आधार कार्ड लिंकेज के अंतर्गत नरेगा जॉब कार्ड, राशन कार्ड, नि:शक्तजन पेंशन, वृद्धा पेन्शन, विधवा एवं विकलांग पेंशन इत्यादि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गिरीजेश कुमार त्यागी, जिला विकास अधिकारी मोती लाल व्यास, परियोजना निदेशक, हरिचरन सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी नंदलाल यादव, जिला एवं अर्थ संख्याधिकारी, हरिशंकर सिंह, प्रभागी निदेशक, सामाजिक वानिकी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।