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एसपी की जांच आख्या पर डीएम ने निरस्त किया चार ठेकेदारों का सीवीआर

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मऊ। शिकायती प्रार्थना पत्र पर जांच करने के बाद पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य की तरफ से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने कार्यालय से जारी जिले के चार बड़े ठेकेदारों का चरित्र प्रमाण पत्र (सीवीआर) निरस्त कर दिया। सीवीआर निरस्त करने से पूर्व डीएम ने चारों लोगों को नोटिस जारी किया और उनकी बातों को भी सुना था।
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डीएम ने जिन ठेकेदारों का चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त किया उसमें देवनाथ सिंह, चंद्रप्रभा सिंह, विशाल सिंह व विपिन सिंह सभी डुमराव गांव के निवासी है। डीएम ने अपने आदेश में लिखा है कि चारों लोगों ने तथ्यों को छुपाकर चरित्र प्रमाण पत्र बनवाया। जिसके आधार पर कांस्ट्रेक्टशन कंपनी बनाई गई। डीएम ने आदेश में बताया है कि दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि देवनाथ सिंह आदि के पक्ष में 4 फरवरी 2019 को चरित्र प्रमाण पत्र जारी हुुआ, जिसे तथ्यों को छुपाकर प्राप्त किया गया है। ऐसी स्थिति में देवनाथ सिंह ,चंद्रप्रभा सिंह, विशाल सिंह व विपिन सिंह का सीवीआर निरस्त कर दिया है।
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बहरीपुर गांव निवासी संतोष कुमार सिंह ने 11 मई 2020 को एसपी को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा। इसमें कांस्ट्रेक्टशन कंपनी चलाने वाले डुमराव गांव निवासी देवनाथ सिंह, चंद्रप्रभा सिंह, विशाल सिंह और विपिन सिंह के चरित्र प्रमाण पत्र की जांच कराने की मांग की। आरोप लगाया कि डुमराव गांव निवासी राजनाथ सिंह ने अपने नाम दर्ज आपराधिक मुकदमों को छुपाकर बीते 27 अगस्त 2013 को ठेकेदारी के लिए चरित्र प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
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जानकारी होने पर तत्कालीन डीएम ने राजनाथ सिंह का चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था। उसके बाद राजनाथ सिंह ने फर्म का नाम परिवर्तित कर मैसर्स आरएनएस कराकर देवनाथ सिंह को प्रोपराइटर बना दिया। इसके बाद कंपनी काम करने लगी। शिकायत की एसपी ने जांच कराई, साथ ही रिपोर्ट डीएम को भेजा था। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि नियमानुसार सुनवाई करने के बाद निरस्तीकरण का आदेश जारी किया गया।
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